कहां तुम चले गए?

जबलपुर प्रतिनिधि। पढ़ाने के नाम पर हो या नौकरी दिलाने के नाम पर शहर की कई लड़कियों को यही लालच देकर मानव तस्करी करने वालों ने ठिकाने लगा दिया। वही जिलें से गायब हुए मासूमों,युवकों और किशोरियों का अब तक पता नही चल सका। ऐसे मामलें कुछ मानव तस्करी से भी जुड़े हो सकते है। लेकिन इस दिशा में जांच करने के बजाए पुलिस इनकी शिकायत कागजों में दर्ज कर ढूंढती रहती है। स्वंय पीडि़त जब तक सामने न आए पुलिस उसे मानव तस्करी नही मानती है। पुलिस की यह मनमानी मानव तस्कर ी का शिकार बनने वालो के लिए परेशानी का सबब बन रही है।
दस्तें का उपयोग नही
कुछ समय पूर्व मानव व्यापार दस्ता बनाया गया था और इस दस्ते को वाहन भी दिया गया था।इसमें पुलिस के सभी हेल्पलाईन नम्बर भी दिये गए थे। लेकिन दस्ते ने न तो कोई मामला पकड़ा न ही इस गायब किशोरी या किशोर के परिजनों का सहयोग किया।
आदिवासी लड़कियों की तस्करी बड़े पैमाने पर
गुमशुदा लड़कियों में ज्यादातर आदिवासी क्षेत्रों की लड़कियां शामिल होती है जिन्हें आमतौर पर मानव तस्करी मे लिप्त तत्व शहर मे नौकरी दिलाने के नाम पर बुलाकर उन्हें बेच दिया जाता है। जानकारों का कहना है कि आदिवासी समुदाय के गरीबी और पिछड़ेपन के कारण सहज शिकार कर उन्हें देह व्यापार में झोंक दिया जाता है। आदिवासी लड़कियां इन तस्करों का बड़ा आसान शिकार होती है।
जांच ही नही होती
यदि कोई पीडि़त मानव तस्करी की बात कह तो पुलिस जांच करने की बात कहकर टाल दिया करती है। इतना ही नही यदि परिजन मानव तस्करी का संदेह जाहिर करे तो भी पुलिस एफआईआर करने से बचा करती है।
ऐसे फंसाते है जाल में
नौकरी का लालच देकर
शादी का झांसा देकर
प्रेमजाल में फंसाकर

ये होते है शिकार
गरीब युवक युवतियां
आदिवासी परिवारों की युवतियां
कम पढ़े लिखे युवक युवतियां
जांच हो तो खुलेगें कई राज
वरिष्ठ अधिवक्ता सम्पूर्ण तिवारी का कहना है कि शहर सहित आसपास के क्षेत्रों से गायब युवक युवतियों के मामले मे पुलिस जांच नही करती है। अगर पुलिस इन गुमशुदगी के मामलों की ईमानदारी से जांच की जाए तो कई राज खुल सकते है।
ताजा मामला
विजय नगर क्षेत्र में सरस्वती शिशु मंदिर के पास एक तेरह साल की छात्रा को सिवनी के पास छपारा में फेंककर भाग निकले। मामले में माढोताल क्षेत्र की रहने वाली सातवीं कक्षा की छात्रा ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि वह दोपहर करीब साढ़े तीन बजे रोज की तरह कोचिंग पढऩे के लिए सरस्वती स्कूल के पास जा रही थी।स्कूल केपास धर्मेन्द्र चौधरी आ गया और उसने पीछे से बेहोश करने के लिए नशीली दवा रूमाल में डालकर उसके मुंह पर रख दिया। उसके बाद जब उसे होश आया तो वह एक कार में थी और उस कार में धर्मेन्द्र चौधरी भी था। इसके बाद युवती चिल्लाने लगी तो धर्मेन्द्रबायपास पर उतर गया और जाते समय उसे एक बार फिर नशीली दवाई मिले रूमाल से बेहोश कर दिया।
होश आया तो छपारा में थी
कई घंटे बाद जब छात्रा को होश आया तो उसने फिर से चिल्लाने की कोशिश की तो कार में मौजूद लोगों ने सुनसान जगह देखकर उसे कार से नीचे फेंक दिया। वहां से गुजर रहे एक राहगीर ने उसे क्षेत्र के थाने ले गया और युवती ने अपने अपहरण की जानकारी पुलिस को दी। फिल्मी स्टाईल में हुई इस वारदात के सिलसिले में अपहरण एवं पास्को एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने धर्मेन्द्र चौधरी को हिरासत में ले लिया है।
जांच हो तो खुलेगें अन्य अपहरण के राज
मामलें में आरोपी धर्मेन्द्र चौधरी पुराना बदमाश है उसके खिलाफ पूर्व मे भी अपहरण के मामले दर्ज है। पुलिस अगर ईमानदारी से इस दिशा में आरोपी से पूछताछ करती है तो कई मामलों का पटाक्षेप हो सकता है।
इन मामलों का नही चला पता
कांचघर निवासी एक महिला पर युवतियों को बेचने का आरोप लगा था। महिला बूढ़े लोगों से सौदाकर गरीब लड़कियों को ब्याहने का काम किया करती थी। जिसके बदले में वह मोटी रकम लेती थी। मामले के खुलासे के बाद पुलिस ने सर्तकता का दिखावा किया। लेकिन वर्तमान मे महिला फिर अपनी इन्ही प्रवृत्तियों में बेखौफ होकर संलिप्त है।

विजय नगर क्षेत्र मे गुमशुदा युवक का पता अभी तक पुलिस नही लगा पाई है। युवक के परिजन लगातार पुलिस के पास अपनी गुहार लगा रहे है वही पुलिस मामले की जांच करने की बात कह रही है।

हनुमानताल की एक महिला ने एसपी ऑफिस पहुंचकर शिकायत की थी की उसकी बच्ची का अपहरण कर लिया गया है, और आरोपी उसकी बच्ची को बेच सकता है।

गोहलपुर निवासी एक महिला ने अपने पति पर आरोप लगाया था कि उसके पति ने उसे एक जैन दंपत्ति को बेच दिया है। मामले की शिकायत रांझी थाने मे दर्ज की गई थी।