अतिथि विद्वानो ने एमपीपीएससी सहायक प्रध्यापक 2017 मे लहराया परचम

मुद्दा सिर्फ एक विषय का
जबलपुर प्रतिनिधि।अतिथि विद्वानो ने एमपीपीएसपी की परीक्षा को उत्तीर्ण करके अपना परचम लहराया है। साथ ही ओबीसी, एससी, एसटी वर्ग मे महिला अतिथि शिक्षकों ने सफलता प्राप्त की है। हालांकि अतिथि विद्वानों नियुक्ति को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति व्याप्त है। लोग तरह तरह की भं्रातिया पाले हुए है। लेकिन वास्तविकता यह है कि सरकार द्वारा निरस्त नियुक्ति सभी विषयों क ी न होकर केवल समाजशास्त्र विषय की ही है। दरअसल इस मामले की मीडिया मे भ्रामक खबर छपने के बाद से अतिथि विद्वानों मे असमंजस और बढ़ा दिया है।
50 प्रतिशत विज्ञापित पदों पर चयन
अतिथि विद्वानों की सफलता का मापदण्ड इसी अधार पर नापा जा सकता है कि हाल फिलहाल हुई नियुक्यिों में पचास प्रतिशत विज्ञापित पदों पर अतिथि विद्वानों का चयन हुआ है। लगभग सभी विषयों के टॉपर अतिथि विद्वान ही रहे है। जैसे राजनीति शास्त्र मे राघवेन्द्र गर्ग, विधि मे दिग्विजय शिकरवार,इतिहास मे संकेत चौकसे, समाज शास्त्र मे नरेन्द्र तिवारी, अर्थशास्त्र मे हेमंत शर्मा, संस्कृत मे श्रेयस कोराने तथा गणित मे दुर्गेश ठाकुर है।
हाईकोर्ट ने मांगा उच्च शिक्षा विभाग से जवाब
समाजशास्त्र विषय की दिव्यांग श्रेणी पर हाईकोर्ट ने उच्च शिक्षा विभाग को दस दिनों के भीतर जवाब देने क ा बाध्यकारी जवाब देने का आदेश जारी किया है। उम्मीद है कि अतिशीघ्र जवाब देकर इनकी नियुक्ति प्रदान की जायेगी।
असफल लगा रहे आरोप
वही कुछ असफल उम्मीदवार एमपीपीएससी की परीक्षा पर ही सवाल खड़े कर रहे है। सूत्र बताते है कि, यह असफल उम्मीदवार असलियत मे वही अतिथि विद्वान है जो अपने आपको स्थाई बनाने के लिये प्रोपगेंडा और आंदोलनों मे सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।