वसूली के चलते उपजा विवाद

हफ्ता वसूली करने पहुंचे थे एस आई, मना करने पर की मारपीट
जबलपुर यभाप्र। घमापुर थाना स्थित शीतला माई क्षेत्र के कुछ बंधिया मोहल्ले मी कल हुए पुलिस पर पथराव क्षेत्रीय लोगों पर हुए लाठीचार्ज के पीछे की असली हकीकत जांच करने पर कुछ और ही सामने आई है दरअसल यह समूचा विवाद पुलिस द्वारा अवैध शराब कार्यवाही से नहीं बल्कि, पुलिस की जबरिया अवैध वसूली के चलते उपजा था। ये आरोप लगाते हुए कुछ बंधिया मोहल्ले वासी कहते हैं कि ,कुछबंधिया मोहल्ले में कई वर्षों से अवैध शराब का विक्रय किया जाता है। साथ ही कच्ची शराब भी बनाई जाती है। जिस का हिस्सा पुलिस को भी मिलता है इसी हिस्से को मांगने जब मेजर राजू, राकेश नामक पुलिसकर्मी पहुंचे तो देने वालों ने मना कर दिया। जिस से बौखलाए पुलिसकर्मियों ने एसआई मेश्राम के कहने पर सभी के साथ मारपीट शुरू कर दी और घर में घुसकर तोडफ़ोड़ करने लगे जिसके बदले में क्षेत्रीय लोगों ने पथराव करना शुरू कर दिया। जहां से विवाद और बढ़ता गया।
बूढ़ी महिला को भी पीटा
पीडि़त परिवार का कहना है की वसूली करने आए एसआई मेश्राम और पुलिसकर्मियों ने घर में घुसकर महिलाओं के साथ भी मारपीट शुरू कर दी थी, जबकि उनके साथ कोई महिलाकर्मी मौके पर मौजूद नहीं थी।
विवाद बढा, खुली पोल, कार्रवाई का बजाया ढोल।
पूर्व विधानसभा के अपराधिक गतिविधियों वाले इस थाना क्षेत्र में भी पुलिस की संलिप्तता के साथ जुआ सट्टा, अवैध शराब का कार्य चरम पर है। जिसका बाकायदा हिस्सेदार यहां की पुलिस भी है यही हिस्सा लेने लगभग 3000 की राशि वसूलने एसआई मेश्राम यहां आए हुए थे, लेकिन दे पाने में असमर्थ परिवार के साथ मारपीट कर बैठे। और विवाद बढऩे पर कार्यवाही का जामा पहनाने में लग गए।
अवैध कार्यों का महीना बंधा
परिवार से बात करने पर उन्होंने जानकारी दी कि वे इस काम को करने के एवज में पुलिस को पैसे दिया करते हैं। थाने की भ्रष्ट पुलिस इनसे महीने का 3000 वसूला करती है। वही भट्टी पकड़ जाए तो उसका रेट 5 से 10 हजार तक हो जाता है।
पुलिस क्वार्टर के पीछे बिकती शराब
शहर जानता है शीतला माई के कुछबंधिया क्षेत्र में अवैध शराब का काम होता है जो कुछबंधिया समाज के लोग किया करते हैं। लेकिन यह क्षेत्र जहां स्थित है वहीं पुलिस क्वार्टर भी है समूचे क्षेत्र में पुलिस की आवाजाही लगातार बनी रहती है, बावजूद इसके अवैध शराब कर्मी और पुलिस के बीच समन्वय इतना अच्छा है।
थाने से मिल जाती आबकारी कार्रवाई की जानकारी
ऐसा नहीं कि ये पुलिसकर्मी इन से महज वसूली ही करते हैं बल्कि इन अवैध शराब में लिप्त लोगों को आबकारी विभाग द्वारा की जाने वाली कार्रवाई की जानकारी भी पुलिस कर्मियों द्वारा पूर्व ही इन तक पहुंचा दी जाती है ।
34 दो के तहत अभी तक कितने मामले दर्ज किए मेश्राम
यहां यह भी जानना महत्वपूर्ण होगा कि कुछबंधिया मोहल्ले मे थाना घमापुर ने अभी तक कुल कितनी शराब पकडऩे की कार्रवाई कि है। क्यूंकि पुलिस और इन अवैध शराब बेचने वालों की सांठगांठ का यह पता चला है कि वे हर महीने इन अवैध शराब मे लिप्त लोगों से तीन हजार रूपए महीना और कार्रवाई का दिखावा करने के लिये महीने मे एक केस दर्ज करवाने की मांग किया करते है।
थाना प्रभारी मिथिलेश तिवारी ने लगाया था पूर्ण प्रतिबंध
इतने वर्षों के इतिहास मैं यहां कच्ची शराब का काम फलता फूलता रहा लेकिन जब मिथिलेश तिवारी थाना प्रभारी क्षेत्र में आई तो उन्होंने इन सभी गतिविधियों को विराम लगा दिया था। इन अवैध शराब बेचने वालों को मजबूरन मूंगफली, शहद, मेवा बेचनें को मजबूर कर दिया था।
बड़े क्षेत्र में कार्रवाई का आबकारी को नही पता
हमने जब आबकारी थानाप्रभारी जीएल मरावी से कार्रवाई के विषय मे जानकारी ली तो उन्होने इस तरह की किसी भी कार्रवाई की जानकारी घमापुर थाने से न मिलने की बात कही। अब सवाल ये उठता है कि इतने बड़े क्षेत्र मे की जा रही इस कार्रवाई की जानकारी थाना पुलिस ने आबकारी को क्यूं नही दी।