मौके पर लगाया चौका

13 रिज्यूम पहुंचे राजभवन,जबलपुर से तीन गुजरात से एक
जबलपुर नगर प्रतिनिधि। विटनरी कुलपति के विवाद ने जहां विटनरी कुलपति के लिये मुसीबतें बढ़ा दी है वही अन्य लोगों को विटनरी विश्वविद्यालय की इस मलाईदार कुर्सी में बैठने का अवसर दे दिया है। जैसे ही हाईकोर्ट ने कुलपति पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी किये वैसे ही इस कुर्सी पर नीयत जमाए बैठे अन्य विटनरी अधिकारियों को अपना भविष्य संवारने का मौका मिल गया और उन्होने अपना बायोडाटा राजभवन भी पहुंचा दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अभी तक राजभवन में तेहर बायोडाटा इस पद के लिये पहुंच गए है। जिसमें जबलपुर से तीन और गुजरात से एक के साथ ही बाकी अन्य जगहों से पहुंचे है।
जबलपुर से तीन और एक गुजरात का एक
आश्चर्य की बात है कि अभी तक विश्वविद्यालय से इस विवाद का दौर थमता नजर नही आ रहा है वही दूसरी ओर विटनरी के डीन आर. एस. बघेल ने अपना रिज्यूम कुलपति बनने के लिये राजभवन भेज दिया है। वही पूर्व प्रभारी कुलपति एस.के. परमार भी कुलपति बनने की दौड़ में शामिल हो गए है इनका बायोडाटा भी राजभवन की चौखट पर जा पहुंचा है। वही एक्सटेंशन विभाग के डायरेक्टर ने भी अपना बायोडाटा राजभवन पहुंचा दिया है।
एक दूसरे पर चल रहे केस का भी भेजा ब्योरा
सूत्र बताते है कि पद की लालसा इस कदर इन लोगों पर हावी है कि इन्होने अपना रास्ता साफ करने के लिये किसी भी हद तक जाने को तैयार है। चौकाने वाली बात तो यह है कि कुलपति की दौड़ में लगे इन तीनों ने एक दूसरे के खिलाफ चल रहे सभी प्रकरणों की जानकारी भी राजभवन भेज दी है। जिससे की उनके कुलपति बनने का रास्ता साफ हो सके और अपने प्रतिस्पर्धी को धूल चटा सके।
थाना प्रभारी ने अभी तक नही दर्ज की एफआईआर
मामला संवेदनशील है वही तीन से चार दिन बीत जाने के बाद सिविल लाईन पुलिस द्वारा कोर्ट के आदेश का पालन नही किया गया है। पीडि़त महिला का पक्ष रख रही महिला अधिवक्ता अमन शर्मा का कहना है कि विगत चार दिनों से इस विवाद पर जो टाला मटाली की जा रही है। अगर आज थाना प्रभारी मामला दर्ज नही करते है तो वे आज स्वंय एसपी ऑफिस पहुंचकर मामला दर्ज करवाएगें । और सिविल लाईन थानाप्रभारी को भी पार्टी बनाकर उनके उपर भी मामला दर्ज करवा जायेगा।
क्या था कोर्ट का आदेश
आदेश में कहा गया था कि सिविल लाइन पुलिस एफ आई आर दर्ज करने के बाद विधिवत कार्यवाही कर सूचना न्यायालय को प्रेषित करें। मामले की अगली सुनवाई 12 फरवरी 2019 को रखी गई है।
संजीवनी नगर निवासी एक महिला की ओर से दायर परिवाद में कहा गया था कि वेटरनरी कॉलेज में उचित इलाज के अभाव में उसके कुत्ते की मौत हो गई कि जिस के संबंध में वह वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ प्रयाग दत्त जुयाल के पास गई थी इस दौरान दोनों के बीच पहचान हो गई। परिवार में कहा गया कि 1 आवेदक ने नौकरी का प्रलोभन देकर महिला को रात 10 .00 बजे वेटनरी कॉलेज के गेस्ट हाउस में बुलाया था। महिला के समक्ष शारीरिक संबंध बनाने का प्रस्ताव रखा जिसे महिला द्वारा मना कर दिया गया है इसके बाद अन आवेदक ने अपने कार्यालय में बुलाकर महिला से शारीरिक संबंध बनाएं। 17 मार्च 2018 को अन आवेदक ने महिला को रीवा के एक होटल में बुलाकर जबरन शारीरिक संबंध बनाया। विरोध करने पर महिला की फोटो इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी भी दे दी। इसके बाद अमेरिका को शारीरिक संबंध बनाने की धमकी लगातार देता रहा। अमेरिका ने इस संबंध में महिला थाना सिविल लाइन थाना, आईजी और महिला आयोग को प्रकरण दर्ज करने के लिए आवेदन दिया, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई। अधिवक्ता अमन शर्मा ने तर्क दिया कि आ वेदिका ने अपने साथ हुई ज्यादती के लिए हर फोरम पर गुहार लगाई लेकिन उसकी नहीं सुनी गई। सुनवाई के बाद न्यायालय ने सिविल लाइंस पुलिस को विवि के कुलपति के खिलाफ 376 एन और आईटी एक्ट की धारा 67 और 67 ए के तहत एफ आई आर दर्ज करने का आदेश दिया ?