तत्काल टिकट लेने वाले पहले पांच लोगों का तैयार होगा रिकॉर्ड

जबलपुर। तत्काल टिकट दलालों पर अंकुश लगाने के लिए रेलवे ने नई व्यवस्था शुरू की है। कई यात्रियों ने इस बारे में बोर्ड से सीधी शिकायत भी की है। इसे गंभीरता से लेते हुए बोर्ड ने दलाल और टिकट काटने वाले कर्मचारियों पर कड़ी नजर रखनी शुरू कर दी है। इसके तहत टिकट लेने वाले पहले पांच यात्रियों का बायोडाटा तैयार किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी आरपीएफ को सौंपी गई है। रेलवे बोर्ड को लगातार शिकायत मिल रही है कि टिकट काउंटर पर कतार में लगने वाले यात्रियों को तत्काल में कंफर्म टिकट नहीं मिल रहा है।बोर्ड ने आरपीएफ को तत्काल टिकट लेने के समय एसी व स्लीपर के लिए कतार में लगे पांच नंबर तक के यात्रियों के नाम, पूरा पता व मोबाइल नंबर की सूची तैयार करने को कहा है। साथ ही तत्काल अवधि में ही आरपीएफ कर्मियों के पास उपलब्ध तत्काल टिकट जारी करने वाले मांग पत्र से लिस्ट में दर्ज पहले पांच यात्रियों के ब्योरे से मिलान करेंगे। इसमें गड़बड़ी मिलने पर रेलकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट तैयार कर बोर्ड को भेजने के लिए कहा गया है। दरअसल तत्काल टिकट के लिए कतार में खड़े होने वाले यात्रियों को आरक्षण शुरू होते ही वेटिंग का टिकट मिलना शुरू हो जाता है। बताया जाता है कि कतार की पहले से लेकर पांचवें तक दलाल पहले से टिक जाते हैं। ऐसे में अन्य यात्रियों को वेटिंग वाला टिकट लेना पड़ता है। दलाल रोजाना ऐसा करते हैं। आरपीएफ की जांच और तत्काल टिकट लेने वालों की कुंडली तैयार होने पर इस पर रोक लगने की संभावना है।