ग्वारीघाट से गुरूद्वारा तक बनेगा स्टे केबल ब्रिज

शहर को तरूण ने दिया तोहफा
जबलपुर प्रतिनिधि। शहर से प्रदेश को वित्तमंत्री मिलने के बाद यह अपेक्षा की जा रही थी कि तरूण शहर को कई सौगात देगें जिसकी शुरूआत भी हो चली है। वित्तमंत्री तरूण भनोत ने शहर को अपनी पहली सौगात दी। ये तोहफा ग्वारीघाट में एक से दूसरे छोर (गुरुद्वारा की ओर) के बीच केबल स्टे ब्रिज का है। इस ब्रिज को बनाने का प्रस्ताव तैयार कर कलेक्टर छवि भारद्वाज ने वित्त मंत्री तरुण भनोत के सामने पेश किया था। जिसे उन्होंने हरी झंडी दे दी है। अब नगर निगम प्रशासन जल्द ही ब्रिज का डीपीआर तैयार करेगा। पर्यटन की दृष्टि और ग्वारीघाट के दूसरे छोर पर बसे गांवों के विकास के लिए इस ब्रिज को अहम बताया जा रहा है। ग्वारीघाट के शहर वाले तट से गुरुद्वारा के बीच केबल स्टे ब्रिज बनेगा। इससे शहरवासी नर्मदा दर्शन तो कर ही सकेंगे, दूसरी ओर बसे गांवों के लोग दोपहिया वाहन भी आसानी से ले जा सकेंगे।
ये होगें फायदे
– दूसरे छोर पर बसे गांव का शहर से सीधा लिंक हो जाएगा। जिससे उन गांव का विकास आसानी से होगा।
– पर्यटन गतिविधियों के तहत दूसरे तट को भी डेवलप किया जाएगा। अभी ग्वारीघाट के शहरी सीमा वाले हिस्से तक ही पर्यटन गतिविधियां होती हैं।
– दूसरे तट पर सिख समाज की आवाजाही सालभर गुरुद्वारे में होती है। सिख समाज के हजारों श्रद्धालुओं को नाव का सहारा नहीं लेना होगा।
दूसरे छोर से दो हाईवे का मिलान
– केबल स्टे ब्रिज दूसरी तरफ मिल जाने पर उस तरफ से बरेला हाईवे और तिलवारा हाईवे का मिलान भी हो जाएगा।
वर्तमान स्थिति
– वर्तमान में ग्वारीघाट के दूसरी तरफ जाने के लिए लोगों को नाव का सहारा लेना प?ता है। वहीं ग्वारीघाट के दूसरी तरफ गुरुद्वारा व दर्जनों गांव हैं। जहां तक पहुंचने के लिए नागपुर हाईवे से होकर लगभग 45 किलोमीटर का फेरा लगाना होता है।
– हाल ही में जमतरा के पास नर्मदा नदी पर एक और पुल बना है जिससे रायपुर से नागपुर की ओर जाने वाले भारी वाहन के साथ स्थानीय वाहन भी निकल रहे हैं।
ग्वारीघाट में केबल स्टे ब्रिज प्रोजेक्ट को वित्त मंत्री के सामने पेश किया गया था। इस प्रोजेक्ट की डीपीआर नगर निगम प्रशासन के माध्यम से तैयार की जाएगी।
– छवि भारद्वाज, कलेक्टर
ग्वारीघाट में केबल स्टे ब्रिज बनाना हमारी प्राथमिकता रहेगी। यह पर्यटन व धार्मिक महत्व के लिए उपयोगी है। शासन स्तर पर इस तरह के बहुउपयोगी प्रोजेक्ट के लिए फंड की कमी नहीं होने दी जाएगी।
– तरुण भनोत, वित्त मंत्री, मप्र शासन