37 थानों में 4 हजार मामलें पेडिंग

छह दिनों में कैसे निपटेगें चालीस फीसदी पेंडि़ंग मामले
जबलपुर नगर प्रतिनिधि। पुलिस कप्तान ने भी जिले के सभी थाना प्रभारियों को इसके लिए 31 दिसंबर तक की मोहलत दी है। इसे ध्यान में रखते हुए पुलिस अफसर ताबड़तोड़ कार्रवाई में जुटे हैं। जिले के 37 थानों में इस साल तकरीबन 4 हजार मामले दर्ज हुए हैं। इनमें से 66 फीसदी का तो पुलिस ने निराकरण कर लिया, लेकिन 34 फीसदी अब भी बाकी हैं। पुलिस अब इस पेंडेंसी को निबटाने में लगी है। पुलिस ने बीते 6 दिनों में 820 लंबित अपराधों का निराकरण किया है। 24 दिसंबर की स्थिति में जिले में 1384 अपराध लंबित हैं। इस हिसाब से दिसंबर के शेष दिनों में पुलिस को रोजाना कम से कम 173 अपराधों का निराकरण करना है। ताकि 2018 में जीरो पेंडेंसी बचे, लेकिन इसके आसार कम ही नजर आ रहे हैं।
पुलिस थानों में लंबित मामलों के निराकरण में जुटी पुलिस कोई भी आपराधिक घटनाक्रम हो जाने पर शिकायत पर ही काम चलाने की कोशिश में है, ताकि 2018 में दर्ज प्रकरण लंबित न रह जाए। वाहन चोरी जैसे कई मामलों में पुलिस एफआईआर करने से बच रही है।
बीते सप्ताह विभिन्न थानों की पुलिस ने कोर्ट में 197 चालान पेश किए। फिर भी साढ़े सात सौ से ज्यादा चालानी कार्रवाई शेष है। इसके लिए पुलिस के पास अब कुछ ही दिन शेष हैं।

शहपुरा-29 बेलखेड़ा-20 सिहोरा-18 खितौला-12 मझौली-18 मझगवां-7 गोसलपुर-6 महिला थाना-6 संजीवनीनगर-19 कैंट-26 ग्वारीघाट-27 गोराबाजार-17 बरेला-63 गोहलपुर-65 हनुमानताल-77 विजयनगर-33 अधारताल-68 माढ़ोताल-48 पनागर-68 बरगी-18 भेड़ाघाट-15तिलवारा-26 चरगवां-13 कुंडम-12 पाटन-43 कटंगी-14 रांझी-74 घमापुर-80 खमरिया-20 गोरखपुर-66 गढ़ा-113 लार्डगंज-48 मदन महल-33 ओमती-35 बेलबाग-34सिविल लाइन-65 कोतवाली 30
जिले के सभी 37 थानों में दर्ज अपराधों की पेंडेंसी के मामले में यह आंकड़ा सबसे ज्यादा है। घमापुर दूसरे नंबर पर है। यहां 80 मामले लंबित हैं। हनुमानताल में 77, रांझी में 74 और अधारताल व पनागर में 68-68 प्रकरण लंबित हैं।
लंबित अपराधों की सूची में गढ़ा थाना टॉप पर