चाहे कुछ भी कर लो पर हम नहीं सुधरेंगे

स्वच्छता अभियान को पलीता लगा रहे कतिपय लोग
जबलपुर,यभाप्र। एक और नगर को स्वच्छ रखने के लिए लोगों में विभिन्न माध्यमों से जागरुकता फैलाई जा रही है पिछले दिनों मिनी मैराथन में लोगों ने रिकार्ड सहभागिता देते ेहुए नगर निगम के अभिनव पहल को सराहा था। पिछले हफ्ते करीब साढ़े तीन लाख लोगों ने एक साथ दो घंटे तक सफाई कर विश्वरिकार्ड बनाया था। शहर एक ओर जहां स्मॉर्ट सिटी की ओर बढ़ रहा है। शहर को सुन्दर बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है,वहीं कतिपय लोग नगर प्रशासन के इस कदम को मुॅह चिढ़ाते हुए सार्वजनिक स्थानों पर न केवल धूम्रपान ही कर रहे हैं बल्कि जहां देखों वहां गुटखा-पान खाकर थूक भी रहे हैं। जबकि पिठले दिनों जारी आदेश में साफ-साफ कहा गया था सड़कों, सार्वजनिक स्थानों पर थूकते हुए पाए जाने पर जुर्माना भरना पड़ेगा। पर लोगों को तो आदत है आदेशों का मखौल उड़ाने की। फिर चाहे वह सड़क हो कार्यालय की दीवारों के कौने हों या अन्य जगहें। प्रतिबंध के बाद भी गुटखे-पान खाकर दीवारों को लाल किए जाने पर रोक नहीं लग पाई है। दीनदयाल चौक स्थित आईएसबीटी हो या फिर क्षेत्रीय स्टेंण्ड, या रेलवे स्टेशन यहां लोग बेफिकरी से न केवल धुए के छल्ले उड़ाते नजर आ जाएंगे या फिर दीवार गंदी करते हुए। इसी तरह पान ठेलों, चाय दुकानों पर भी कमोवेश यही नजारा देखने को मिल जाएगा। सरकारी कार्यालयों या इमारतों में धूम्रपान करना या गुटखा आदि खाकर थूकना अपराध है। कार्यालयों में इसके लिए सूचनाएं भी लगाई गई हैं। इसके अलावा शासन की ओर से सभी कार्यालयों को समय समय पर इसके बारे में सूचनाएं भी दी जाती हैं। इसके बाद भी सरकारी कार्यालयों में गुटखा खाकर थूकने में कमी नहीं आई है। गुटखा खाकर थूकने वालों में सिर्फ बाहर से आने वाले लोग ही शामिल नहीं है, बल्कि कार्यालयों में पदस्थ कर्मचारी भी इसमें शामिल हैं। जिला अस्पताल के गलियारे और गलियारों में लगी खिड़कियां देखने पर यह पता लग जाता है कि यहां आते जाते लोग किस तरह से गुटखा चबाकर थूकते हैं। वार्डों के कोने और टॉयलेट भी गुटखे के रंग में नजर आ रही हैं। अस्पताल परिसर में गुटखा खाकर थूकने वालों पर कार्रवाई की फुर्सत किसी को नहीं है। सरकारी कार्यालय की इमारतों के कौने भी जगह-जगह गुटखे के दाग दिखाई देते हैं। शहर के जिला शिक्षा अधिकारी, सरकारी कार्यालयों सहित पुलिस थाने भी गुटखे की पीक से अछूते नहीं है। यहां की खिड़कियों वाली दीवारें, कोने और पीने के पानी वाली जगहों पर गुटखा तैरता हुआ दिखाई देता है।