आईएसबीटी में अव्यवस्थाओं का आलम

बस संचालकों से हो रही जमकर वसूली

जबलपुर, मुनप्र। दीनदयाल चौक स्थित अंतर्राज्जीय बस स्टैण्ड का निर्माण करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद हुआ था लेकिन इसको शुरू हुए लंबा समय बीत चुका है बावजूद इसके आज भी यहां अव्यवस्थाओं का आलम है। एक तरफ तो तत्वों द्वारा बाहर से आने वाली बसों के चालक परिचालकों से वसूली की जाती है वहीं पुलिस भी पीछे नहीं है। जिस एसआई पुलिस कर्मी को आईएसबीटी का इंचार्ज बनाया गया है वे भी वसूली में पीछे नहीं हैं। सूत्र बताते हैं कि महानुभाव भी बस स्टैण्ड में आने वाली और जाने वाली बसों से वसूली करने में ज्यादा ध्यान देते हैं जबकि उनकी नियुक्ति इसलिए की गयी थी कि बस स्टैण्ड की व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हो सकें। लेकिन वरिष्ट अधिकारियों का यह सोचना सपना ही रह गया। अलग अलग मार्ग पर चलने वाली बसों से अलग अलग रेट पर वसूली की जा रही है। आधी से ज्यादा बसें बस स्टैण्ड के अंदर ही नहीं जातीं और बाहर से ही सवारियां भरने में लगी रहती हैं। जिससे दीन दयाल चौक और आईएसबीटी के पास बसों की धमाचौकड़ी मची रहती है। ऐसा नही है कि सिर्फ इंचार्ज ही वसूली में लगे हों वे वसूली में से कुछ हिस्सा अपने अधीनस्थों को भी बांट देते हैं लेकिन वह नाममात्र का होता है। असली माल तो जेब के अंदर हो जाता है। आईएसबीटी में चल रही अवैध वसूली की खबर संबंधित थाने का न हो ऐसा संभव नहीं लगता। लेकिन थाना प्रभारी भी इस ओर कोई ध्यान नहीं देते। जिससे वसूली करने वाले रंगदारों और पुलिस वालों की बल्ले बल्ले है। सबसे ज्यादा मुसीबत बाहर से आने जाने वाली बसों के संचालकों की है। यदि पैसा नहीं दो तो ये लोग गाड़ी को आगे तक नहीं बढऩे देते इससे यात्री भी परेशान होते हैं।