शारीरिक संबंध न बनाने तैयार नहीं हुई तो कर दी हत्या

पुलिस ने विनीता वाजपेयी हत्याकांड की गुत्थी सुलझायी
जबलपुर, मुनप्र। बीटी तिराहा के समीप अंजनी विहार कालोनी में रहने वाले मनीष बाजपेयी की पत्नी विनीता की पिछले दिनों जब वह अकेली थी नृशस हत्या कर दी गयी। इस हत्याकांड से पूरे शहर में सनसनी व्याप्त हो गयी थी। 17 दिसम्बर को थाना गढ़ा में सत्यम पिता मनीष बाजपेयी ने पुलिस में शिकायत दर्ज करायी थी कि उसकी मां विनीता वाजपेयी निवासी अंजनी परिसर गढ़ा की किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा हत्या कर दी गयी है। घटना से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए अधिकारियों के साथ एफएसल की टीम भी मौके पर पहुंच गयी थी और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया तथा अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था और पतासाजी की जा रही थी। पीएम कर्ता डॉक्टर द्वारा मृतिका की मृत्यु गला घोंटने और बेसबॉल के डंडों से किये गये हमलों से आई चोटों के कारण हुई। पुलिस अधीक्षक अमित सिंह ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए पतासाजी करते हुए आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार करने के आदेश दिये थे। आदेश क परिपालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर डॉ संजीव उईके, नगर पुलिस अधीक्षक गढ़ा हंसराज सिंह, नगर पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा कोतवाली के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी गढ़ा, शफीक खान के नेतृत्व में टीमें गठित कर आरोपियों की पतासाजी में लगाया गया था। घटना स्थल के निरीक्षण पर घर से कोई कीमती वस्तु चोरी न जाना और न ही घर का कोई सामान अस्त व्यस्त होना पाया गया था। घटना स्थल प्रथम तल का कमरा था जो कोई करीबी या परिचित व्यक्ति ही जा सकता था। इसके लिए पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जिससे एक संदेही युवक जिसकी उम्र 28 से 30 वर्ष के बीच होगी घबराया हुआ जाता दिखा। इसके संबंध में पुलिस पतासाजीकर रही थी।
इस तरह खुला मामला
पुलिस टीमों द्वारा की जा रही पतासाजी के दौरान 21 दिसम्बर को मुखबिर से सूचना मिली कि अंजनी परिसर में हुई महिला की हत्या का आरोपी कछपुरा ब्रिज के पास देखा गया है। जिसके चलते सीएसपी कोतवाली व थाना प्रभारी गढ़ा की टीम ने घेराबंदी कर सीसीटीवी फुटेज में देखे गये संदेही के हुलिये के आधार पर एक व्यक्ति को पकड़ा एवं थाने लाकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ में पहले तो वह घटना वाले दिन जबलपुर में न होने की बात करता रहा लेकिन जब पुलिस ने साइ्रंटिफिक तरीके से मय प्रमाण के कड़ाई से पूछताछ की तो उसने पूरा मामला उगल दिया। उसने बतायाकि वह धार्मिक आयोजनों में वीडियोग्राफी का काम करता है। वह मूलत:उत्तरप्रदेश के कोसाम्बी जिले के रहने वाला है। वह सनातन नाम के धार्मिक चैनल में भी वीडियोग्राफी का काम करता है। उसकी मुलाकात विनीता से वृंदावन में एक धार्मिक आयोजन के दौरान हुई थी। विनीता ने उससे कार्यक्रम के फोटो मांगे थे तथा अपना मोबाइल नंबर भी उसे दिया था तथा कहा था कि व्हासटप पर फोटो भेज देना तभी से आरोपी रिंकू उर्फ शिवाकांत पांडे अक्सर फोन पर विनीता से बातचीत करने लगा वह जबलपुर में भी धार्मिक आयोजनों में आता था तो उसकी विनीता से मुलाकात होती थी। उसने विनीता बाजपेयी से प्रेम करने की बात भी स्वीकारी ओर कई बार एकतरफा प्यार का इजहार भी किया। इस संबंध में उसने विनीता को कई बार मैसेज भी किए। लेकिन विनीता उसे हमेशा डांट दिया करती थी। आरोपी विनीता के साथ शारीरिक संबंध बनाना चाहता था। लेकिन वह इसमें सफल नही हो पा रहा था जिसके चलते 16 दिसम्बर को रिंकू यह सोचकर कि इस बार विनीता के साथ शारीरिक संबंध बनाना ही है एवं अपनी बात मनवानी है। न मानने पर उसने सोच लिया थाकि वह विनीता को जान से मार देगा। 16 दिसम्बर को वह दोपहर करीब 12 बजे विनीता के घर पहुंचा उस समय घर पर विनीता के अलावा और कोई नहीं था। विनीता ने उसे घर में बैठाया और चाय नाश्ता भी कराया तथा धार्मिक कार्यक्रमों के फोटों के संबंध में बातचीत करने लगी। फिर जैसे ही विनीता उठकर ऊपर वाले कमरे में गयी तो रिंकू भी पीछे पीछे ऊपर कमरे में पहुंच गया तथा एक बार फिर विनीता से शारीरिक संबंध बनाने को कहने लगा तो विनीता ने न केवल उसे जमकर फटकार लगायी बल्कि यह भी कहा कि मैं तुम्हारी शिकायत पुलिस में कर दूंगी यह सुनकर रिंकू उर्फ शिवाकांत डर गया उसने बातचीत के दौरान मौका पाकर अपने साथ लायी कपड़े की रस्सी से विनीता का गला घोंटकर हत्या कर दी एवं वहीं रखे बेसबॉल के डंडे से चहरे पर चोट पहुंचाकर वहां से भाग गया। खून लगे कपड़े उसने कछपुरा ब्रिज के पास छुपा दिये एवं विनीता का मोबाइल तोड़कर कछपुरा ब्रिज के पास फेंक दिया। आरोपी के निशानदेही पर पुलिस ने छिपाये गये कपड़े एवं तोड़े गये मोबाइल के अवशेष भी बरामद कर लिये और इस तरह इस अंधीहत्याकांड का खुलासा पुलिस ने करते हुए पूरी गुत्थी सुलझा ली।
पर्दाफाश में इनकी रही मुख्य भूमिका
इन अंधेहत्याकांड की गुत्थी को सुलझाने में सीएसपी कोतवाली दीपक मिश्रा के नेतृत्व में थाना प्रभारी गढ़ा शफीक खान प्रधान आरक्षक प्रशांत सोलंकी, आरक्षक पुरुषोत्तम, नीरज तिवारी अजय सोनकर, रामलाल और अभिषेक की भूमिका उल्लेखनीय रही। पुलिस अधीक्षक ने इन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

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