शिक्षकों को मिला लक्ष्य ,कमजोर नतीजे पर रुकेगी वेतन वृद्घि

जबलपुर,यभाप्र। शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार और परीक्षा परिणाम बढ़ाने के लिए शासन ने शिक्षकों को लक्ष्य दिया है। लक्ष्य पूरा न करने पर यानी कमजोर परिणाम देने पर वेतन वृद्घि रोकने और विभागीय जांच संस्थापित कर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है। स्कूल शिक्षा विभाग की लोक शिक्षण आयुक्त जयश्री कियावत ने सभी शिक्षक, प्राचार्य, डीईओ और संभागीय संयुक्त संचालकों को एक पत्र के माध्यम से कहा है कि परिणाम लक्ष्य अनुरूप नहीं आया तो कार्रवाई निश्चित होगी। निर्धारित लक्ष्य 11 से 20 फीसद परिणाम कम आने पर प्राचार्य एवं शिक्षकों की संचयी प्रभाव से एक वेतन वृद्घि रोकी जाएगी। अगर परिणाम 21 से 40 फीसदी कम आता है तो दो वेतनवृद्घि रोकी जाएगी। 40 फीसद से अधिक कमी आने पर विभागीय जांच कराकर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके उलट लक्ष्य की पूर्ति करने पर अफसरों समेत प्राचार्य एवं शिक्षकों को उत्कृष्ट सेवा सम्मान से नवाजा जाएगा। हिंदी एवं संस्कृत विषय के शिक्षकों को प्रोत्साहन के लिए ए-प्लस और ए ग्रेड के विद्यार्थियों के लक्ष्य की पूर्ति को आधार माना जाएगा। अन्य विषय के शिक्षकों को प्रोत्साहन के लिए सभी श्रेणी के लक्ष्य की पूर्ति को आधार माना जाएगा। लक्ष्य प्राप्त करने वाले शिक्षकों को शिक्षक दिवस पर पुरस्कृत किया जाएगा।
प्राचार्यों ने किया लक्ष्य निर्धारित
आदेश के पालन में लक्ष्य कितना हो, इसका निर्धारण प्राचार्यों ने कर लिया है। लक्ष्य का निर्धारण वास्तविक, व्यावहारिक तथा प्राप्त करने योग्य रखा गया है। गत वर्ष जिन स्कूलों का परिणाम 70 फीसद था उन्होंने इस बार लक्ष्य 80 फीसद रखा है और जिनका 80 फीसद था उन्होंने 90 फीसद परिणाम देने का लक्ष्य रखा है।