अरे हम तो बचपन से कांग्रेसी है

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मौका देखकर बदला पाला
जबलपुर नगर प्रतिनिधि। कांग्रेसी सरकार आने के बाद अगर कोई खेमा सबसे ज्यादा सकते में है तो वह” सरकारी कर्मचारी”। इस खेमे में भी अगर सबसे ज्यादा कोई तनाव से गुजर रहा है तो वह उच्च शिक्षा विभाग क्योंकि भाजपा सरकार के समय यह सभी प्राध्यापक ,कुलसचिव तथा कुलपति अपने आप को संघी विचारधारा का कहते थे और आज अचानक यह प्राध्यापक ,कुलसचिव ,कुलपति अपने आप को कांग्रेसी बताने में जुट गए हैं कुछ तो यह भी कह रहे हैं कि उनके तो डीएनए में ही कांग्रेसी था जो कि अपने आप को 1 महीने पूर्व तक संघ का बता रहे थे।
क्या करें वक्त बदल गया है पाला भी बदलना चाहिए ,भाई नौकरी जो करनी है । तो कांग्रेस की सरकार है तो डीएनए में कांग्रेस का ही होना बताईगे और कल को भाजपा आ गई तो फिर से संघ के हो जाएंगे।
कांग्रेसी विधायकों से संबंध बनाने का जुगाड़
अरे हमने कहा था ना कांग्रेस आएगी ऐसे शब्द जनता के नहीं इन सरकारी कर्मचारियों के हैं जोकि कहीं ना कहीं से कांग्रेस के विजेता विधायकों से संबंध बनाने में लगे हैं । कुछ कुलपति तो पूर्व क्षेत्र के विधायक के घर के चक्कर काटने में लगे हुए हैं।
अब डीएनए में आया कांग्रेस
मौकापरस्त का आलम ये कि सत्ता परिवर्तन की बदली हवा में पूर्व विचारधारा भी हवा हो गयी। वही अब ये केवल स्वंय नही बल्कि इनके बाप दादा को भी कांग्रेसी होने का दावा कर रहे है इनका दावा है कि इनके डीएनए मे ही कांग्रेस है।
सांइस कॉलेज,आरडीवीवी,विटनरी में बढ़ा टेंशन
पूर्व सत्ताधीशों के साथ सत्ता की मलाई खा रहे यहां के मठाधीश अब टेंशन में दिखाई दे रहे है। टेंशन पद जाने की अकेली होती तो कोई बात नही थी दरअसल इन्होनें पहले भाजपा की इतनी आरतियां गा ली है कि अब कांग्रेस के सत्ता में आते ही इन्हें अपना गला खराब होता नजर आ रहा है।
संघी बताने वाले भी दे रहे कांग्रेस विधायकों को बधाई
संघ के पैरोकार बनने का दिखावा करने वाले लोग भी अब नवनिर्वाचित कांग्रेसी विधायकों को बधाई देने कतार में खड़े दिखाई दे रहे है। कल तक आंखों में खटकने वाले कांग्रेसी नेता विधायक बनते ही अब इन्हें अपने भगवान नजर आने लगे है। जिनके दरवाजे पर अब ये पुष्प अर्पित करते नजर आ रहे है।

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