वरिष्ठ अधिवक्ता राजेन्द्र तिवारी बने महाअधिवक्ता, शशांक शेखर और अजय गुप्ता होगें अतिरिक्त महाअधिवक्ता

जबलपुर नगर प्रतिनिधि। वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र तिवारी मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के 16वें महाधिवक्ता होंगे। विधि विभाग ने उनकी नियुक्ति को हरी झंडी दे दी है। मुख्यमंत्री और राज्यपाल के अनुमोदन के बाद नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। प्रदेश में नई सरकार के गठन के साथ ही महाधिवक्ता पद के लिए हलचल तेज हो गई थी। इसके लिए वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र तिवारी सहित जबलपुर व भोपाल के एक-एक अधिवक्ता का नाम प्रस्तावित किया गया था। विचार-विमर्श के बाद सोमवार को विधि विभाग ने तिवारी के नाम पर सहमति दे दी है। अब यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री कमलनाथ की अनुशंसा के बाद राज्यपाल को भेजा जाएगा। राज्यपाल के अनुमोदन करते ही विधि विभाग तिवारी की नियुक्ति अधिसूचना जारी करेगा।
अनुभव के आधार पर मिली तरजीह
राजेंद्र तिवारी का जन्म 14 अप्रैल 1936 को जबलपुर में हुआ। वे छात्र राजनीति में खासे सक्रिय रहे। 1956-57 में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे। बीए, एमए(संस्कृत), एलएलबी की परीक्षा पास करने के बाद उन्होंने 1964 से वकालत आरंभ की। 1985-88 तक राज्य सरकार के उप महाधिवक्ता रहे। 1993 में हाइकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बने, इसके अलावा अनेक सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं से भी जुड़े हैं।

अजय गुप्ता व शशांक शेखर बने अतिरिक्त महाधिवक्ता।
अजय गुप्ता जिन्होंने राज्य सभा सांसद और देश के नामी वकील विवेक तन्खा के साथ वकालत शुरू की और उनसे सीखते हुए भोपाल व जबलपुर में विभिन्न आपराधिक प्रकरणों की सफलता के साथ पैरवी की । अपराधिक प्रकरणो के साथ-साथ संवैधानिक मामलों में भी अजय गुप्ता की उपस्थिति रही, विदित हो कि अधिवक्ता अजय गुप्ता रहते तो भोपाल में है, परंतु इंदौर बेंच और जबलपुर हाईकोर्ट में लगातार उनकी सक्रियता बनी रही है। अजय गुप्ता भोपाल के जाने-माने क्रिमिनल लॉयर हैं जिन्हें 25 वर्ष का लंबा विधिक अनुभव है । अजय गुप्ता के पिता स्वर्गीय विजय गुप्ता भी मप्र हाईकोर्ट के प्रसिद्ध वकीलों में एक थे।
वहीं अधिवक्ता शशांक शेखर जबलपुर का जाना माना नाम है। शशांक शेखर विवेक तन्खा जी के करीबी माने जाते हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान शशांक शेखर ने कांग्रेस के लीगल वॉर रूम का संचालन भी किया था। वकालत का 19 वर्ष का अनुभव ही आज शशांक शेखर जी को अतिरिक्त महाधिवक्ता के पद पर लेकर आया है