विपक्षी एकता से ज्यादा चर्चा माया-अखिलेश की गैरमौजूदगी की

भोपाल। कांग्रेस के लिए आज बड़ा दिन है, क्योंकि मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में उसकी सरकारें बनने जा रही है। राजस्थान में अशोक गहलोत का शपथ ग्रहण समारोह हो चुका है। अब सभी दिग्गज नेता मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल पहुंच चुके हैं, जहां के जम्बुरी मैदान में कमलनाथ शपथ लेंगे। कांग्रेस ने इन मौकों पर विपक्षी एकता के प्रदर्शन की पूरी तैयारी की है, लेकिन इससे ज्यादा चर्चा ममता-माया-अखिलेश की गैरमौजूदगी की है।

तीनों राज्यों में होने वाले कांग्रेस मुख्यमंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में मायावती और अखिलेश यादव ने शिरकत नहीं की है। ममता बनर्जी स्वयं नहीं आई हैं, लेकिन उन्होंने दिनेश त्रिवेदी के रूप में अपना प्रतिनिधि जरूर भेजा है। राजनीतिक गलियारों में ममता-माया-अखिलेश की गैरमौजूदगी को अगले लोकसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी नहीं आए हैं। दिल्ली में आप के सांसद भगवंत मान ने मांग की है कि सिख दंगों में कमलनाथ पर भी केस चलना चाहिए और उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाना चाहिए।

राजस्थान में शरद पवार, फारुख अब्दुल्ला, एचडी देवेगौड़ा, शरद यादव के अलावा तृणमूल के दिनेश त्रिवेदी, झारखंड से हेमंत सोरेन, डीएमके से एमके स्टालिन, कनिमोझी, प्रफुल्ल पटेल जैसे नेता एक साथ एयरपोर्ट पहुंचे थे और वहां से राहुल गांधी और मनमोहन सिंह के साथ एक ही बस में सवार होकर शपथ ग्रहण स्थल तक पहुंचे थे।

यही क्रम मध्यप्रदेश में भी नजर आएगा। शरद पवार, फारुख अब्दुल्ला, शरद यादव, एमके स्टालिन और चंद्रबाबू नायडू को मंच पर जगह दी गई है।