शोहदों की प्रताड़ना से त्रस्त नाबालिक ने की आत्महत्या

प्रताड़ित स्कूली छात्रा ने की आत्महत्या
कई दिनों से परेशान सरिता का मिला सोसाईड नोट। जबलपुर । यू तो एक ओर शासन व प्रशासन बेटी बचाव बेटी पढ़ाओ अभियान की अलख जगाने प्रशासन स्तर पर मुहिम चलाई जा रही हैं। बही दूसरी ओर हमारे समाज की बेटियाँ अपने आप को सुरक्षित महसूस नही कर रही है। ऐसा ही मामला बिगत रात्रि धूमा निवासी घनश्याम अहिरवार की 16 वर्षीय पुत्री कु सरिता उर्फ़ निक्की अहिरवार जो कि अपने नाना धनीराम अहिरवार के यहाँ वचपन से रहकर अध्यापन कार्य करती थीं, कन्या शाला गनेशगंज की कक्षा दसवीं की छात्रा थी जिसने विगत रात जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया जिसे परिजनों द्वारा सिविल अस्पताल लखनादौन ले जाया गया जहाँ पर डॉक्टरों द्वारा गम्भीर स्थिति में जबलपुर हॉस्पिटल रिफर किया गया। बही जिन्दगी और मौत से संघर्ष करते हुऐ नाबालिक छात्रा की दर्दनाक मौत हो गई घटना स्थल पर परिजनों को मृतिका के पास से उसका लिखा हुआ सोसाइड नोट प्राप्त हुआ। जिसमें मृतिका ने मृत्यु पूर्ब लिखा था । इस पत्र में उसने अपनी मौत का जिम्मेदार गणेशगंज निवासी अनुज यादव एवं सूरज अहिरवार द्वारा बदनाम कर देने की धमकी देना लिखा। पूछताछ में परिजनों ने भी बताया कि उन्हें भी जान से मारने की बात इन दोनों युवकों द्वारा की गई थी। युवती के पिता ने जानकारी देते हुए बताया कि, दोनों युवक पहले से भी छेड़ छाड़ किया करते थे जिस से प्रताड़ित होकर उनकी बेटी ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। परिवार के सभी सदस्यों को जान से मारने की धमकी से परिवार सहमा हुआ है जहाँ मृतिका ने अपने सोसाईड लेटर में अपने परिजनों को सतर्क रहने की हिदायत दी बही स्कूली शिक्षकों को भी जान से मारने का ज़िक्र पत्र में है बही लखनादौन टी आई से भी उन दरिंदो को सजा दिये जाने का आग्रह मृतिका द्वारा किया गया है। जो कि उक्त छात्रा को बदनाम करते हुये परिवार सहित सभी को जान से मारने की धमकियां देते थे वही नाबालिक छात्रा को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर हुए पिछले कई दिनों से परेशान कर रहे थे जिससे सहमी हुई नाबालिक छात्रा ने अंततः आत्मघाती कदम उठाने मजबूर किया।लखनादौन पुलिस मामले की विवेचना में जुटी हैं, मामले से सम्बंधित तथ्यों के आधार पर जांच जारी है।