कटनी: 18 सौ करोड़ की लागत से अमेहटा में शुरू होगा एसीसी का नया प्लांट…

कटनी। अंततः कैमोर क्षेत्र को वह बड़ी औद्योगिक सौगात मिल ही गई जिसका पिछला एक दशक से बेसब्री से इंतजार किया जा रहा था। एसीसी ने अपने 18 सौ करोड़ की लागत वाले 3.5 लाख मिलीयन टन क्षमता के नये प्लांट के निर्माण को स्वीकृति प्रदान कर दी। यह नया प्लांट कैमोर से लगभग 6 किलोमीटर दूर झुकेही रोड पर ग्राम अमेहटा में स्थापित किया जाएगा।
नया प्रोजेक्ट प्रारंभ करने दो दिन पहले ही मुम्बई हेड ऑफिस से कैमोर के प्लांट डायरेक्टर को मेल आया है। सूत्रों की मानें तो नये प्रोजेक्ट का काम मार्च-अप्रैल तक प्रारंभ हो जाएगा।
नया प्लांट शुरू होने की खबर मिलते ही कैमोर क्षेत्र में लोगों में खुशी की लहर देखी जा रही। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से न केवल अमेहटा-बड़ारी क्षेत्र का औद्योगिक विकास होगा बल्कि क्षेत्र के हजारों युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। क्षेत्र के व्यापार व्यवसाय में भी तेजी आने की संभावना व्यक्त की जा रही।
उल्लेखनीय है कि कैमोर क्षेत्र में एसीसी के नये प्लांट के लिए परियोजना लगभग 10 साल पहले तैयार की गई थी। एसीसी के तत्कालीन उच्चाधिकारियों द्वारा इस संबंध में मध्यप्रदेश में शासन के साथ एमओयू भी साइन कर लिया गया था। नया प्लांट पहले ग्राम जोबीकला के आसपास लगाया जाना था।
झुकेही रेल्वे स्टेशन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग-7 से नजदीकी को ध्यान में रखते हुए जोबीकला के आसपास प्लांट स्थापित करने की योजना बनी थी। इसके लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य भी प्रारंभ हो गया था पर क्षेत्रीय किसानों द्वारा इसका विरोध किया गया। जिसके चलते जोबीकला क्षेत्र में नये प्लांट की स्थापना का निर्णय एसीसी को बदलना पड़ा।

बाद में एसीसी ने कैमोर के आसपास ही इसके लिए जमीन तलाशनी प्रारंभ कर दी। पिछले कुछ सालों में बड़ारी और अमेहटा क्षेत्र में नये प्लांट के लिए जरूरी पर्याप्त भूमि का अधिग्रहण भी कर लिया गया पर तब तक कुछ देर हो चुकी थी। एसीसी के अन्य स्थानों पर स्वीकृत परियोजनाओं का कार्य प्रारंभ हो चुका था जिसके चलते कैमोर में नये प्लांट के प्रोजेक्ट को स्थगित कर दिया गया। अब जाकर इस परियोजना को एसीसी की ओर से स्वीकृति प्रदान की गई है। पिछले दिनों इसी आशय का एक मेल स्थानीय स्तर पर रिसीव किये जाने के बाद से अब नया प्लांट लगने की संभावना प्रबल हो गई है।
एसीसी के इस नये प्लांट की उत्पादन क्षमता 3.5 लाख मीलियन टन होगी। जिसमें केवल क्ंिलकर का निर्माण किया जाएगा। प्लांट के लिए जरूरी ऊर्जा के लिए कैमोर में स्थापित 50 मेगावॉट क्षमता के पॉवर प्लांट की क्षमता में और विस्तार कर इसे 80 या 100 मेगावॉट क्षमता का बनाया जाएगा। नये प्लांट कार्य लगभग 4 साल में पूरा होगा। प्लांट निर्माण के साथ-साथ इसमें कार्य करने वाले अधिकारियों कर्मचारियेां के लिए कालोनियों का निर्माण भी भी प्रारंभ रहेगा। उम्मीद की जा रही कि 2022-23 तक नये प्लांट में क्ंिलकर उत्पादन का कार्य प्रारंभ हो जाएगा।
प्रोजेक्ट लाने में विधायक संजय पाठक की रही अहम भूमिका
कैमोर क्षेत्र में एसीसी के नये प्लांट का कार्य शुरू कराने में क्षेत्रीय विधायक एवं पूर्व उद्योग राज्यमंत्री संजय सत्येन्द्र पाठक की अहम भूमिका रही। राज्यमंत्री रहते हुए श्री पाठक ने एसीसी के स्थानीय प्रबंधन के साथ-साथ मुम्बई मुख्यालय में बैठे एसीसी के उच्च प्रबंधन से भी इस संबंध में कई बार न केवल बातचीत की थी बल्कि प्लांट शुरू कराने में शासन की ओर से सभी संभव सहयोग दिलाये जाने का भरोसा भी दिलाया था। वे लगातार एसीसी, होलसिम और लॉफार्ज के उच्चाधिकारियों पर कैमोर क्षेत्र में नया प्लांट शुरू करने के लिए दबाव बना रहे थे। स्थानीय स्तर पर कार्यरत श्रमिक संगठन बीएमएस एवं इंटक द्वारा भी इस संबंध में एसीसी के उच्च प्रबंधन से लगातार पत्र व्यवहार किया जा रहा था। अंततः इन प्रयासों को सफलता मिली और एसीसी ने नये प्लांट निर्माण को हरी झंडी दे दी।