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बृहस्पति की राशि धनु में प्रवेश करेंगे सूर्यदेव, शुभ कार्यों पर इसलिए है रोक

इंदौर। सूर्यदेव 16 दिसंबर को सुबह 9.07 बजे देव गुरु बृहस्पति की राशि धनु में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही मलमास लगेगा और एक माह के लिए विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन सहित विभिन्न मांगलिक आयोजनों पर रोक लग जाएगी। मांगलिक आयोजन की शुरुआत दोबारा 14 जनवरी 2019 को रात 7.50 बजे सूर्य के धनु से निकलकर मकर राशि में प्रवेश के साथ होगी। इस एक माह जप, तप, अनुष्ठान सहित प्रभु भक्ति के आयोजन होंगे।

ज्योतिर्विद् पं. ओम वशिष्ठ ने बताया कि रविवार से धनु मलमास लगेगा, जो मकर सक्रांति तक रहेगा। इस दौरान भी मांगलिक कार्य निषेध रहेंगे। मलमास समाप्त होने के बाद जनवरी 2019 में 17, 18, 22, 23, 25, 26, 29, 30 और फरवरी में 8, 9, 10, 14, 19, 20, 21 को विवाह मुहूर्त हैं। मार्च में 7, 8, 9 और 12 तारीख को विवाह होंगे। इसके बाद 13 मार्च से 9 अप्रैल 2019 तक खरमास होने से वैवाहिक आयोजन पर रोक लगेगी।

मांगलिक आयोजन पर इसलिए रोक

ज्योतिर्विद् अनूप शास्त्री ने बताया कि सूर्य हर 30 दिन यानी एक महीने बाद राशि परिवर्तन करता है। 12 महीने में यह 12 राशियों पर विचरण करता है। यह धनु और मीन राशि पर जाता है, तब उन महीनों को मलमास कहा जाता है। जब सूर्य देव गुरु बृहस्पति की राशि में होते हैं, तो सामान्य रहते हैं और शुभ कार्यों में सहायक नहीं होते हैं। विवाह के लिए सूर्य का बल और वधु का बृहस्पति का बल मिलाया जाता है, तब शुभ मुहूर्त निकाला जाता है।

इन पर पड़ेगा राशि परिवर्तन का असर

सूर्य का राशि परिवर्तन धनु, मीन और सिंह राशि के जातकों को विशेष तौर पर प्रभावित करेगा। उनके कार्यों में व्यवधान उत्पन्न होने के साथ वे आलस्य का अनुभव करेंगे। अन्य राशि के जातकों के लिए यह सामान्य रहेगा। ज्योतिष के अनुसार 12 ग्रह होते हैं और सूर्य को इनका राजा माना जाता है। सूर्य देव की साधना करने से बाकी ग्रह भी आपको परेशानी नहीं पहुंचाते। इस दौरान सुबह जल्दी उठकर नहाकर सूर्य को जल चढ़ाना जातक के लिए फायदेमंद है।

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