कठौतिया को क्यों नहीं बन रहा आदर्श ग्राम?

जबलपुर। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एसके सेठ और जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की युगलपीठ ने राज्य सरकार से पूछा कि डिंडौरी जिले के कठौतिया ग्राम में सभी आधारभूत सुविधाएं हैं उसके बाद भी उसे आदर्श ग्राम क्यों नहीं बनाया जा रहा है। कोर्ट ने जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को 6 सप्ताह में इसका जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। डिंडोरी जिले के कठौतिया ग्राम निवासी दादूलाल साहू व रतनलाल परमार ने जनहित याचिका दायर कर कहा कि उनके गांव में वे सभी आधारभूत सुविधाएं हैं, जो केंद्र सरकार की आदर्श ग्राम योजना के लिए आवश्यक हैं। यहां से मुख्य सड़क गुजरती है। इस पर काफी आबादी की जमीन है। जिसमें अतिक्रमण कारियों ने बेजा कब्जा कर रखा है। अधिवक्ता रवींद्र गुप्ता ने तर्क दिया कि उक्त जमीन को अतिक्रमण मुक्त करा कर यहां ग्राम के बेघर लोगों को बसाया जा सकता है। खेती के लिए भी इस जमीन को उपयोग में लाया जा सकता है। इसके लिए याचिकाकर्ताओं ने कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को अभ्यावेदन दिए। लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने राज्य सरकार को मामले पर जवाब देने 6 सप्ताह का समय दिया है।