भाजपा भव्य कार्यालय हार के बाद हुआ सूना सह-संगठन मंत्री रहे नदारद

जबलपुर,नगर प्रतिनिधि। भाजपा में विधायक और संगठन के काम की समीक्षा सह संगठन मंत्री स्तर पर होती है। चुनाव के वक्त भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की सभा हुई। उस वक्त सह संगठन मंत्री अतुल राय मौजूद रहे। इसके बाद उन्होंने भोपाल में अधिकांश वक्त गुजारा। रानीताल स्थित पार्टी के भव्य कार्यालय में भी उनकी मौजूदगी न के बराबर रही। चुनाव के वक्त उनका दौरा हुआ, लेकिन नेताओं से मेल मुलाकात कम हुई। टिकट वितरण के आखिरी दौर में उन्हें भोपाल से ही काम किया। चुनावी समीक्षा से लेकर बैठकों में भी जबलपुर में नजर नहीं आए। पार्टी के नेता फिलहाल उनके भोपाल में रुकने पर कोई भी टिप्पणी करने से बच रहे हैं। सूत्रों की मानें तो उनकी इलाके में अच्छी पकड़ बन चुकी थी, जो चुनावी मैनेजमेंट में काम आती। कार्यकर्ताओं के ऊपर काम करने का दबाव होता जो नहीं था।विधानसभा चुनाव में जबलपुर शहर से भाजपा को बड़ा नुकसान हुआ। प्रत्याशियों को लेकर खूब विरोध हुआ। बगावत भी हुई, लेकिन डैमेज कंट्रोल उस स्तर पर नहीं हुआ। कार्यकर्ताओं पर नजर रखने वाले सह संगठन मंत्री भी चुनाव के आखिरी दौर में नजर नहीं आए। उनकी गैर मौजूदगी से कार्यकर्ताओं की मॉनिटरिंग नहीं हो पाई। पन्ना प्रभारी का काम भी जमीनी स्तर पर कारगर ढंग से नहीं हो सका। कई इलाकों में कार्यकर्ता मन से पार्टी के लिए काम नहीं कर सके। भाजपा के नगर संगठन ने पूरा फोकस पश्चिम विधानसभा पर किया। कांग्रेस से इस सीट को वापस जीतने की कोशिश में संगठन के कार्यकर्ता इस क्षेत्र में काम करते रहे। कई विरोध उभरे लेकिन पार्टी ने दूसरे विधानसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं को इस क्षेत्र में लगाया। इन कार्यकर्ताओं को जमीनी जानकारी भी कम थी, लेकिन कमजोरी पकड़ में नहीं आई। नतीजा बड़ी हार का मुंह देखना पड़ा।जिस क्षेत्र में संगठन का इतना भव्य कार्यालय था भाजपा उस क्षेत्र में भी चुनाव जीतने में नाकाम साबित हो गई। हम बात कर रहे हैं उत्तर मध्य विधानसभा की जहां पर मंत्री रह चुके शरद जैन 572 वोट से कांग्रेसके विनय सक्सेना जिनका दूर दूर तक इस विधानसभा से सरोकार नहीं था उन से हार गए।