चुनाव से पुलिस फ्री-अब छुट्टियों के आवेदन बने सिरदर्द

जबलपुर,मुनप्र। शांतिपूर्ण विधानसभा चुनाव कराने के बाद अब छुट्टियों को लेकर सैकड़ों आवेदन आने से पुलिस अफसरों के सामने नया सिरदर्द पैदा हो गया है। करीब 2 महीने से बिना छुट्टी के चुनाव ड्यूटी में व्यस्त जवान व अफसर लगातार छुट्टियों के लिए आवेदन कर रहे हैं। ऐसे में किसे छुट्टी दी जाए या किसे नहीं यह भी अफसरों के सामने नई चुनौती है। फिलहाल पुलिस अफसरों ने सभी को इंतजार करने के लिए कहा है। क्योंकि 14 दिसंबर को नई सरकार का शपथ ग्रहण होगा और उसके बाद निकलने वाले विजयी जुलूसों के मद्दे नजर पुलिस अब भी अलर्ट मोड पर है। संभवत: 15 दिसंबर को जबलपुर में जीते कांग्रेस प्रत्याशियों का एक बड़ी जुलूस निकलेगा। ऐसे में एक खास संवेदनशील क्षेत्र में पुलिस बेहद सतर्क है। अभी हर तिराहे चौराहों पर सघन चैकिंग की जा रही है।
6 अक्टूबर से विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही पुलिस महकमा सबसे ज्यादा व्यस्त रहा है। बिना छुट्टी के पुलिस जवान व अफसर लगातार चुनाव शांतिपूर्ण कराने के लिए वारंटियों की धरपकड़ से लेकर संवेदनशील मतदान केन्द्र की सुरक्षा तक लगातार काम करते रहे। अब जब 28 नवंबर को मतदान और 11 दिसंबर को मतगणना पूरी होने के बाद पुलिस का बोझ काफी हद तक कम हुआ है तो पुलिसकर्मी अपने परिवारों के साथ छुट्टी का प्लान कर रहे हैं। यही कारण है कि एसपी ऑफिस से लेकर आरआई ऑफिस तक छुट्टियों के आधा सैकड़ा आवेदन पहुंच गए हैं।
परिवार के साथ मनाना चाहते हैं छुट्टी
चुनाव ड्यूटी के बाद अफसर व जवान अपने-अपने परिवारों के साथ समय बिताना चाहते हैं। यही कारण है कि सभी को छुट्टी चाहिए। ज्यादातर आवेदनों में 25 दिसंबर क्रसमस से 31 दिसंबर व नए साल के जश्न के दौरान छुट्टी मांगी गई है। जो मुश्किल हो रहा है।
पेडिंग मामलों पर फोकस
एसपी अमित सिंह ने मतदान के दिन के बाद ही पुलिस अफसरों व थाना प्रभारियों को स्पष्ट शब्दों में कह दिया था कि अब थानों में पेंडिंग पड़े मामलों के निराकरण पर ध्यान लगाना शुरू कर दो। मतगणना के शांतिपूर्ण पूरा होने के बाद एसपी ने पुराने मामलों पर फोकस करने के लिए निर्देश दिए हैं।
फिर लगना है लम्बी ड्यूटी पर
छुट्टियों के आवेदन अचानक बढऩे के दो बहुत बड़े कारण हैं। एक तो दिसंबर में स्कूलों में भी छमाही परीक्षा के बाद छुट्टी रहती है। जिस कारण परिवार के साथ छुट्टी का मजा लिया जा सकता है। इसके साथ ही नए साल में दो महीने बाद मार्च के मध्य में लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लगने से पहले ही पुलिस फिर लम्बी ड्यूटी में व्यस्त हो जाएगी। ऐसे में यही मौका है जब परिवार के साथ समय गुजारा जा सकता है।