चारों ओर समर्थकों की भीड़

जबलपुर। राइट टाउन स्थित एमएलबी स्कूल में जैसे जैसे मतगणना आगे बढ़ रही है, जीत रहे प्रत्याशियों की भीड़ भी बढ़ती जा रही है, मतगणना स्थल के चारों ओर समर्थकों की भीड़ लग गई है, जो अपने अपने नेता के झंडे लहराते नजर आ रहे है।
उत्तर मध्य की मशीन में गड़बड़ी से हंगामा
आज मतगणना स्थल पर उस समय कुछ देर के लिये हंगामें की स्थिति निर्मित हो गई जब यहां की कुछ मशीनों की सीलें खुली पाई गई जिसको लेकर कार्यकर्ताओं में हंगामा शुरू कर दिया हालाकि बाद में तकनीकी कर्मियों को बुला कर मशीनों में आई खामियो ंको दुरुस्त किया गया तब कहीं जाकर दोबारा मतों की गिनती का काम सुचारू रूप से शुरू हो पाया मशीनों में खराबी की जानकारी लगने पर जिम्मेदार अधिकारी भी पहुंच गये थे। उत्तरमध्य क्षेत्र में 9 नंबर कक्ष में 9,14 और 36 नंबर की मशीनों की सील नहीं पाए जाने पर कांग्रेस ने आपत्ति दर्ज कराई । करीब पांच मिनट तक मतगणना रुकी रही।
हस्ताक्षर न मिलने पर हुआ हंगामा
प्रारूप 17ग के तहत दिए जाने वाले प्रमाणपत्र में एजेन्टों व पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर का मिलान नहीं होने पर एजेंटों ने आपत्ति जताई। केन्ट मतगणना केन्द्र का यह मामला है।
कप्तान खुद करते रहे कार्ड चेक
मतगणना ेकेंन्द्र में प्रवेश के लिये बनाये गये अधिकृत कार्डो की पुलिस कप्तान अमित सिंह न केवल जांच करते रहे बल्की यदि कोई खामी समझ में आई तो कार्डधारी से पूछताछ करने से भी नही चूके कप्तान के साथ मतगणना स्थल पर तैनात पुलिस बल और संबंधित अधिकारी भी व्यवस्थाओं पर पेनी नजर रखे रहे जिससे किसी तरह की गड़बड़ी न हो सके।
मीडिया के लिये कक्ष में रहा दूसरों का कब्जा
कहने के लिये मतगणना स्थल पर मीडिया कर्मियों के लिये अलग से कछ बनाया गया था लेकिन देखने मे आया कि मीडिया के लिये बनाये गये इस कछ में मीडिया कर्मियों से ज्यादा राजनैतिक दलों के नुमांइदे और प्रत्याशियों के समर्थक डेरा डाले रहे मतगणना उदघोषण मंच से लगातार अधिकारियों द्वारा घोषणा करने के बाद भी मीडिया से हट कर जो कछ की कुर्सियों में जमे हुये थे उन्हें अलग होने की हिदायत दी जाती रही लेकिन इसका कुछ विषेश असर नजर नहीं आया और मीडिया कर्मी यहां वहां भटकते दिखे।
जबरन प्रवेश करने की कोशिश नाकाम
मतगणना स्थल पर पार्टी और प्रत्याशियों से जुड़े उनके समर्थकोंं द्वारा अनाधिक ृत रूप से मतगणना स्थल के अंदर प्रवेश की कोशिश भी की गई लेकिन पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्थाओं ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया औ उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया गया।