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बुलंदशहर हिंसा: SSP का किया तबादला, सीतापुर एसपी संभालेंगे कुर्सी

लखनऊ। बुलंदशहर में गोकशी की सूचना के बाद भड़की हिंसा और उसमें इंस्पेक्टर सुबोध कुमार के अलावा युवक सुमित की मौत की जांच रिपोर्ट एडीजी इंटेलीजेंस ने मुख्यमंत्री को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में पुलिसिया लापरवाही की बाद भी कही गई है। इसके बाद अब राज्य सरकार ने कार्रवाई की है और बुलंदशहर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसपी) को भी हटा दिया गया है। उनकी जगह अब सीतापुर के एसपी प्रभाकर चौधरी बुलंदशहर का नया एसएसपी बनाया गया है। इसके पहले स्याना के सीओ तथा चौकी इंचार्ज को हटाया गया था।

सरकार ने एसएसपी बुलंदशहर केबी सिंह को हटाकर पुलिस महानिदेशक कार्यालय से सम्बद्ध किया गया है। बुलंदशहर मामले में कृष्ण बहादुर सिंह को डीजीपी मुख्यालय से अटैच किया गया। एसपी चौधरी के स्थान पर डीजीपी ऑफिस से एआर कुमार को एसपी सीतापुर के पद पर भेजा गया है। बुलंदशहर में हिंसा के लिए शिरोडकर कमेटी ने एसएसपी केबी सिंह के रोल पर सवाल उठाया था।

बुलंदशहर हिंसा को लेकर डीजीपी मुख्यालय में एक घंटे तक मीटिंग चली थी। मीटिंग में बुलंशहर एसएसपी कृष्ण बहादुर सिंह को उनके पद से हटा दिया गया। कृष्ण बहादुर सिंह को लखनऊ के डीजीपी मुख्यालय में स्थानांतरित कर दिया गया है। सीतापुर के एसपी प्रभाकर चौधरी को बुलंदशहर एसएसपी का पद भार सौंपा गया है। डीजीपी ऑफिस की तरफ से जारी हुई तबादला इस लिस्ट में तीन अफसरों का तबादला किया गया है।

अब सीतापुर के एसपी को बुलंदशहर की जिम्मेदारी दी गई है। यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योकि जिले में हुई हिंसा में पुलिस विभाग की लापरवाही सामने आई थी। अगर पुलिस समय पर पहुँच जाती तो शायद इस तरह की बड़ी वारदात को रोका जा सकता है।

खुफिया रिपोर्ट के बाद स्याना के सीओ और चौकी इंचार्ज का तबादला

बुलंदशहर में गोकशी की सूचना के बाद भड़की हिंसा में इंस्पेक्टर के साथ एक युवक की मौत के मामले में प्रदेश सरकार बेहद गंभीर है। इसमें 17 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद अब गिरफ्तारी का अभियान भी तेज कर दिया गया है। अभी तक जीतू फौजी सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि इस मामले में पुलिस पर भी कार्रवाई की जा रही है।

बुलंदशहर हिंसा में आज पुलिस पर पहली कार्रवाई की गई है। खुफिया रिपोर्ट मिलने के बाद स्याना के सीओ (सर्किल ऑफिसर) के साथ ही यहां की चिंगरावठी के चौकी इंचार्ज को हटा दिया गया है। बुलंदशहर हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री का रवैया खासा सख्त है। इसके बाद भी अभी इस प्रकरण का मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा बजरंग दल का नेता योगेश राज पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

बुलंदशहर में भीड़ के हमले में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की मौत के मामले में दो पुलिस अधिकारियों पर गाज गिरी है। इन अधिकारियों के तबादले कर दिए गए हैं। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एसबी शिरोडकर की रिपोर्ट पर सर्किल ऑफिसर (सीओ) सत्य प्रकाश शर्मा के साथ चिंगरावठी पुलिस चौकी के प्रभारी सुरेश कुमार का क्षेत्र में बिगड़ी स्थिति में संभालने में नाकाम रहने के लिए तबादला कर दिया गया है। सत्यप्रकाश शर्मा को पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज मुरादाबाद भेजा गया है। आईबी रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस की भी लापरवाही थी। चौकी इंचार्ज सुरेश कुमार को ललितपुर भेजा गया है। पुलिस अधिकारियों के तबादले के बाद सवाल इस बात के उठ रहे हैं कि अब तक हिंसा भड़काने के मुख्य आरोपी योगेश राज को नहीं पकड़ा जा सका है।

गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि खेत में कुछ हिंदूवादी संगठनों के कायकर्ताओं ने जब गोवंश के अवशेष मिलने की सूचना दी, इसके बाद बिगड़ी स्थिति को संभालने में नाकाम रहने की वजह से दोनों अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। इस भीड़ हिंसा में पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और चिंगरावठी गांव के रहने वाले सुमित सिंह की मौत हो गई थी। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओपी सिंह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद यह फैसला लिया गया। डीजीपी ने मामले की रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी थी।

आईजी दफ्तर के पास रह रहा था योगेश राज

बुलंदशहर में बवाल कराने वाला मुख्य आरोपित व बजरंग दल का कार्यकर्ता योगेश राज मेरठ में दो दिन तक रहा। वह एक विहिप कार्यकर्ता के घर रुका और इसके बाद चला गया। कल इस बारे में पुलिस को पता चला तो मेरठ क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर बुलंदशहर पुलिस की एक टीम ने छापा मारा। विहिप कार्यकर्ता भी दबिश के बाद से गायब है। गोवंश को लेकर बुलंदशहर में हुए बवाल में एसआइटी गठित की गई है। जिसका नेतृत्व मेरठ रेंज के आईजी रामकुमार कर रहे हैं।

आईजी आफिस के पास शर्मा नगर कालोनी विहिप कार्यकर्ता रहता है। बवाल होने के बाद जब मीडिया में बजरंग दल के कार्यकर्ता योगेश राज का नाम आया तो वह मेरठ भाग आया। यहां पर वह पांच और छह दिसंबर तक रहा। दिन में इधर-उधर रहता था और रात में विहिप कार्यकर्ता के घर चला जाता था।

गुरुवार की देर रात इसकी भनक बुलंदशहर एसएसपी केबी सिंह को लगी तो उन्होंने टीम गठित करके कल तड़के करीब सवा तीन बजे विहिप कार्यकर्ता के घर दबिश डलवाई, लेकिन सफलता नहीं मिली। इस दौरान मेरठ क्राइम ब्रांच के कुछ सिपाही भी साथ लिए गए थे। सविल लाइन इंस्पेक्टर अब्दुर रहमान सिद्दिकी को भी बताया गया। आरोपित नहीं मिला और विहिप कार्यकर्ता घर के पीछे की दीवार फांदकर भाग गया।

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