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चना और तुअर की फसल पर इल्लियों का प्रकोप

खालवा। मौसम में आचनक बदलाव आने और बादल छाने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में लहलहाती चना और बहार पर आई तुअर की फसल में इल्ली के प्रकोप ने किसानों के ललाट पर चिंता की लकीरें उभार दी है। किसानों का कहना है कि दलहनी फसलों पर इल्ली का प्रकोप बढ़ने से उत्पादन पर भी प्रभाव पड़ेगा। इससे किसानों को आर्थिक नुकसानी का सामना करना पड़ सकता है।

किसानों ने बताया कि कुछ दिनों पूर्व छाए बादलों से मावठे की उम्मीद लगाए हुए थे। यह मावठा रबी फसल को काफी हद तक लाभ पहुंचा सकता था। लगातर चार दिनों से छाए बादल अब चना व तुअर फसल के लिए मुसीबत बन गए हैं। बादलों के कारण व प्रतिकूल वातावरण मिलने से अमेरिकन सुंडी और तंबाखू इल्ली का प्रकोप चने और तुअर पर बढ़ता जा रहा है। किसान रासायनिक कीटनाशकों का छिड़काव भी कर रहे हैं इसके बाद भी इल्लियों पर कोई असर नहीं हो रहा है।

बादल बढ़ा रहे परेशानी

ग्राम गारबेड़ी के किसान देवीसिंह तंवर ने बताया कि बादल किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गए हैं। बादल के कारण चना-तुअर फसल में अमेरिकन सुंडी व तंबाखू इल्ली का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। अगर समय पर इल्ली की रोकथाम नही की गई तो फसलों में सिर्फ डंठल ही नजर आएंगे। ग्राम कालाआम खुर्द के किसान बाबूलाल पाटिल का कहना है कि इस सीजन में तुअर की फसल में अच्छा फलन हुआ है।

फसल पूरी तरह बहार पर है। तीन-चार दिनों से बादल छा जाने से इल्ली का प्रकोप बढ़ गया है। खेतो में इल्ली की रोकथाम के लिए सलाह ले रहे हैं वहीं अपने स्तर पर भी प्रयास जारी है। ग्राम अशरफ नगर के किसान ब्रजलाल सिलाले ने बताया कि दो दिन पूर्व तक तो इल्ली नहीं थीं। अब बादलों के कारण फसल में इल्ली नजर आ रही है। खेत में फसलों पर कीटनाशक का छिड़काव कर रहे हैं

मावठा अमृत होगा

किसानों का कहना है कि बादलों से बहुत उम्मीद है। मावठा गिरने के साथ ही अच्छी बारिश हो जाती है तो रबी फसल को बहुत फायदा होगा। रबी फसल के लिए मावठा अमृत के समान होगा। अभी किसानों को खेतों में फसलों को पानी देना पड़ रहा है। जो किसान डीजल इंजन का उपयोग कर सिंचाई कर रहे हैं उन्हें भी राहत मिलेगी। मौसम में ठंडक हो जाने से फसलों को भी फायदा मिलेगा।

समय पर रोकथाम करें
बादल छा जाने से इल्लियों के लिए मौसम अनुकूल हो गया है। तेजी से चना व तुअर फसल में इल्लियों का प्रकोप बढ़ेगा। समय पर रोकथाम जरूरी है। किसानों को सलाह दी जा रही है कि प्रारंभिक स्तर पर पेनाफास्ट कीटनाशक का उपयोग करें। अगर इल्ली बड़े आकार में आ गई है तो प्रोफेनोफास 40ः व सायफर मेथिन 04ः का छिड़काव करें। – गणेश रंसौरे, वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी खालवा

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