पैसे दो वरना नहीं देंगे बूथ वीडियो रिकॉर्डिंग

संघवी वीडियो कॉन्फ्रेंस सॉल्यूशन कंपनी की हठधर्मिता से बिफरे युवा
जबलपुर,नगर प्रतिनिधि। पैसे तो देने पड़ेंगे, बात तो 1000 रुपए देने की हुई थी यह चेतावनी भरे शब्द कुछ बेरोजगार लड़कों के। जिन्होंने सुबह से लेकर रात तक वीडियो रिकॉर्डिंग बूथ की , परंतु संघवी इन्फोटेक द्वारा उन्हें पैसे देने के नाम पर एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट देने की बात कही गई जिसके चलते यह युवा बिफर गए और सीधे वीडियो रिकॉर्डिंग जप्त कर ली तथा 2 दिन बाद जब कंपनी द्वारा कुछ पैसे इन युवाओं को दिए गए तब जाकर युवाओं द्वारा 28 नवंबर को मतदान के दिन पोलिंग बूथ की रिकॉर्डिंग की थी। पैसे नहीं मिलने के कारण इन युवाओं ने दो दिन तक रिकार्डिंग ही नहीं दी थी।
संघवी को मिला था वीडियो रिकॉर्डिंग का ठेका
संघवी इन्फोटेक जो जोकि गुजरात की कंपनी है तथा कंपनी का कार्य वीडियो कॉन्फ्रेंस सॉल्यूशन का होता है जिसके द्वारा विभिन्न प्रकार की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ठेके लिए जाते हैं इसी के तहत शहर के पोलिंग बूथ के ठेके लिए गए थे जिसमें हर पोलिंग बूथ में कम से कम 2 से 3 लड़कों द्वारा वीडियो रिकॉर्डिंग की जानी थी या फिर कंपनी द्वारा ठेका दूसरी कंपनी को देकर कार्य को निष्पक्ष प्रणाली से किया जा सकता था
2128 पोलिंग बूथ का था ठेका
निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव के दौरान शहर में 2128 पोलिंग बूथ स्थापित किए गए थे जहां पर कंपनी द्वारा सभी पोलिंग बूथ का वीडियो रिकॉर्डिंग सुबह से लेकर शाम तक कराया जाना था जहां-जहां इस प्रकार की अनियमितताएं हुई हैं वहां पर कुछ युवाओं का कहना था कि हमें जिस प्रकार का कमिटमेंट किया गया था उस प्रकार से किसी भी प्रकार का कंपनी द्वारा वादा नहीं निभाया गया।
कंपनी नहीं दे रही थी पैसा
कुछ युवाओं द्वारा अपना नाम ना बताने की शर्त पर यह बात कही गई थी कंपनी द्वारा जब पैसे देने की बात आई तो कंपनी के कर्मचारियों द्वारा उन्हें यह बात कही गई कि आप अपने बायोडाटा में हमारी कंपनी के एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट को संलग्न कर लो, पैसे देने की जरूरत नहीं पड़ेगी इतना ही काफी है।
जप्त कर ली वीडियो रिकॉर्डिंग
28 तारीख को सुबह से लेकर शाम तक बेरोजगार युवाओं ने जब कंपनी से अपना मेहनताना मांगा तो कंपनी के कर्मचारियों ने पैसा देने से मना कर दिया जिसके उपरांत यह युवा बिफर गए और उन्होंने वीडियो रिकॉर्डिंग जप्त कर ली तथा यह बात कही की जब तक पैसे नहीं देंगे हमारे पास रिकॉर्डिंग जब्त रहेगी। जिसके उपरांत कंपनी द्वारा 30 तारीख को जब पैसे दिए गए उसके बाद लड़कों द्वारा 30 तारीख को बूथ वीडियो रिकॉर्डिंग कंपनी को सौंपी गई।
किसी को दिए 500 तो किसी को दिये 1000
कंपनी द्वारा सभी युवाओं को 15 सो रुपए प्रतिदिन तथा दिन भर का खाना देने की बात कही गई थी, परंतु कंपनी ने पैसे तो नहीं दिए साथ में बेरोजगार युवाओं का ऐसा मजाक उड़ाया गया कि उन्हें दिन भर खाना भी नहीं दियागया जब युवाओं द्वारा विरोध किया गया तो किसी को पास हो तो किसी को हजार रुपए दिए गए
यहां हुईं सबसे ज्यादा अनियमितताएं
सबसे ज्यादा समस्या उत्तर मध्य, पाटन तथा बरगी में आई जहां पर कंपनी द्वारा इन युवाओं को बरगला कर उनका शोषण किया गया
पारदर्शिता पर उठे सवाल
निर्वाचन आयोग द्वारा कंपनी को ठेका देना, कंपनी द्वारा इस प्रकार से युवाओं को बरगलाना तथा 2 दिन तक युवाओं द्वारा इस प्रकार की संवेदनशील रिकॉर्डिंग को अपने पास रख लेना कहां तक सही है तथा निर्वाचन आयोग की मॉनिटरिंग टीम उस वक्त क्या कर रही थी जब इस प्रकार की घटनाएं हो रही थी ,यह सोचनीय तथ्य है, हो सकता है इन रिकॉर्डिंग्स में किसी प्रकार की छेड़छाड़ करने के लिए इस प्रकार के षड्यंत्र को रचा गया । अब क्या सच है और क्या झूठ है इस बारे में या तो कंपनी जानती हैं या फिर वह युवा जो पैसों की लालच में कंपनी के माया जाल में फंस गए तथा निर्वाचन आयोग जो कि इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी शिकायत मिलने का इंतजार कर रहा है
वर्जन
हमारे द्वारा वीडियो रिकॉर्डिंग का काम संघवी इन्फोटेक नाम की कंपनी को दिया गया था । परंतु इस प्रकार की शिकायत हमारे पास नहीं आई है अगर आपको इस बारे में पता करना है तो सभी बूथों के रिटर्निंग ऑफिसर से बात करनी पड़ेगी।
नम: शिवाय अर्जरिया
उप निरीक्षक निर्वाचन आयोग