तिराहे चौराहे पर भीख मांगने वालों की होगी जांच

हाईटेक भिखारियों के पकड़े जाने से खुली पुलिस की आंखें
जबलपुर।शहर के चौराहों में भिखारियों की तादाद देखकर संदेह तो होता था और इस संदेह में कई बातें निकलकर आया करती थी लेकिन फिर गाड़ी आगे बढ़ जाया करती थी इन बातों पर सच्चाई की मुहर तब लगी जब एएसपी अमृत मीणा ने बैशाखी लेकर चल रही युवती को रंगें हाथों पकड़ा। घटना के तहत जैसे ही युवती कपूर क्रासिंग के समीप लोगों से भीख मांगने पहुंची तो एएसपी को उस पर संदेह हुआ और जब उन्होनें युवती से पूछताछ शुरू की तो वह बैसाखी छोड़कर भागने लगी। युवती को पकडऩे के तुरंत बाद वहां एक बुजुर्ग पहुंचा जो युवती को चार बच्चों की मां बताते हुए छोडऩे की बात कह गिड़गिड़ाने लगा वही पुलिस के कान उस समय खड़े हो गए जब बोलेरो गाड़ी से वहां पहुंचा और युवती को छोडऩे की बात कहने लगा। सभी को गोरखपुर थाने लाया गया जहां पूछताछ में जो बातें सामने आयी उससे पुलिस के भी होश फाख्ता हो गए। चौराहों पर भीख मांगने वाले ये लोग राजस्थान के बावरिया जाति के है जो 50 से 60 की संख्या में शहर में अपना डेरा जमाए हुए है। इन भिखारियों के पास चौपहिया वाहन जैसे बोलेरो, टाटा सियेरा और पिकअप वाहन भी है। साथ ही इनके ग्रुप में शामिल बच्चें भी कई सवाल खड़े कर रहे है। पुलिस अब इन लोगों से पूछताछ कर रही है कि लोग कही किसी अपराधिक वारदातों का हिस्सा तो नही है।
लूट की वारदातों का नजरिया
शहर में लूट की लगातार हो रही वारदातों के चलते भी इन बावरिया जाति के लोगों के शामिल होने की गुंजाइश से इंकार नही किया जा सकता है। क्यूंकि अभी तक शहर में हुई लूट की वारदातों में एक बात सामने आयी है कि अपराधियों ने वारदात को अंजाम देने के पूर्व बकायदा चयनित शिकार की रैकी की है।
अपराधिक प्रकरणों की ली जा रही जानकारी
पुलिस अब इन बावरिया गिरोह के विषय में राजस्थान पुलिस से जानकारी मांगी जा रही है कि क ही इन लोगों का अपराधिक रिकॉर्ड तो दर्ज नही है और अगर अपराधिक मामले दर्ज हुए तो इन्हें राजस्थान पुलिस के हवाले किया जायेगा।
चाइल्ड ट्रेफकिंग तो नही
पुलिस की जांच का दायरा शहर सहित अन्य राज्यों में गुमशुदा बच्चों को लेकर भी बना हुआ है। महानगरों की तर्ज पर भिखारियों द्वारा बच्चों की चोरी कर भीख मांगने के लिए मजबूर किया जाता है। या फिर उन्हें भीख मांगने वाली महिलाओं को किराए पर दिया जाता है । ये महिलाएं इनके साथ अमानवीय सुलूक कर लोगों से संवेदनाओं के आधार पर भीख मांगी जाती है।
शहर के सभी तिराहों, चौराहों सभी भीख मांगने वालों की जांच की जा रही है पता लगाया जा रहा है कि ये लोग अपराधिक वारदातों में शामिल तो नही है साथ ही कल रात गोरखपुर में पकड़े गए हाईटेक भिखारियों का भी राजस्थान पुलिस से रिकॉर्ड मांगा गया है अगर इनका अपराधिक रिकॉर्ड नही हुआ तो इन्हें छोड़ दिया जाएगा।
अमृत मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात