गोसलपुर डकैती के 25 दिन: न आरोपियों का पता न ही मिला सुराग

पुलिस कर्मी के घर हुई थी वारदात
जबलपुर, मुनप्र। 11 नबंवर की रात गोसलपुर में एक एएसआई के यहां पड़ी डकैती के 25 दिन बाद भी पुलिस के हाथ न तो कोई आरोपी लगा है और न ही कोई महत्वपूर्ण सुराग लगा है । उल्लेखनीय है कि मंडला में पदस्थ एएसआई गोंविद राजपूत का परिवार गोसलपुर में रहता था रविवार 11 नबंवर की रात ढाई बजे आधा दर्जन हथियार बंद डकैतों ने घावा बोल कर करीब एक घंटे तक उत्पात मचाया । डकैतों ने पहले एएसआई के बेटों कमरे में बंद किया फिर उसकी पत्नी राजेश्वरी व छोटे पुत्र अंकित के कमरे पर पहुंच कर कम्बल खिचाकर दोनोंं को जगाया बदमाशों ने हथियारों की नौक पर राजेश्वी का मंगलसूत्र तोड़ा और नाक कान के जेवरों सहित घर में रखी नगदी भी लेकर धमकाते हुये रफूचक्कर हो गये । डकैती में राजेश्वरी और इसका एक बेटा घायल हुआ था जिन्हें उपचार के लिये अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुलिस कर्मी के घर हुई इस डकैती की सूचना मिलने पर पुलिस पहुंच भी गई और जांच पड़ताल भी की लेकिन आज 25 दिन का समय बीतने के बाद भी फिलहाल पुलिस के हाथ खाली ही हैं।डकैती की इस वारदात से न केवल गोसलपुर बल्कि आसपान ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल निर्मित हो गया था । पुलिस से जब इस डकैती के संबंध में जानकारी मांगों तो एक ही रटा रटाया जवाब होता है की मामले को गंभीरता से लेकर जांच पड़ताल की जा रही बल्कि पुलिस की टीमों के साथ भी क्राईम ब्रांच की टीम भी डकैतों का सुराग लगाने में जुटी हुई है लेकिन अभी तक कोई सफलता हाथ नहीं लग पाई है जिस रात यह घटना हुई थी एएसआई गोंविन्द्र राजपूत मंडला में अपनी डयूटी निभा रहे थे। डकैती की यह अकेली घटना नहीं है जिसके बारे में अब कोई सुराग न लगा हो पूर्व में जबलपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में डकैती की वारदातों में भी पुलिस के हाथ खाली नजर आये है कहीं इस मामले का भी दूसरे मामलों की तरह हश्र न हो डकैती की यह वारदात आज भी क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लग रहे है।