मतगणना में हो पूरी पारदर्शिता, चूक की कोई गुंजाईश न रहे

कलेक्टर ने रिटर्निंग अधिकारियों को दिये निर्देश
जबलपुर, । जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर श्रीमती छवि भारद्वाज ने 28 नवंबर को हुए विधान सभा चुनाव की 11 दिसंबर को होने वाली मतगणना को लेकर अधिकारियों कर्मचारियों ये दो टूक कहा है कि कहीं भी कोई चूक न होने पाए वरना कड़ी कार्यवाही के लिए तैयार रहो। उन्होंने आठों विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारियों को मतगणना का सारा काम भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपादित करने के निर्देश दिये हैं । श्रीमती भारद्वाज शाम एमएलबी स्कूल में मतगणना की तैयारियों की समीक्षा बैठक में मतगणना की सारी तैयारियों को समय रहते इस ढंग से अंजाम देने के निर्देश रिटर्निंग अधिकारियों को दिये जिससे किसी भी तरह की चूक की कोई गुंजाईश न रहे ।
एक्सपर्ट कर्मचारियों की नियुक्ति,
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बैठक में मतगणना हेतु स्ट्राँग रूम से गणना कक्ष तक बूथवार ईव्हीएम मशीनों को ले जाने की व्यवस्था, डाकमत पत्रों की गिनती, सर्विस वोटर्स से प्राप्त डाकमत पत्रों के सत्यापन हेतु बारकोड को स्केन करने के लिए एक्सपर्ट कर्मचारियों की नियुक्ति, उम्मीदवारों के अभिकत्र्ताओं को गणना के प्रत्येक चक्र में प्रारूप 17-सी के भाग-दो में तैयार परिणामों की फोटो प्रति देने की व्यवस्था की जानकारी भी ली ।
संपूर्ण मतगणना प्रक्रिया की वीडियोग्राफी
मतगणना की संपूर्ण प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जायेगी। भारत निर्वाचन आयोग ने मतगणना की समूची प्रक्रिया की वीडियोग्राफी को आवश्यक बताया है। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतगणना के प्रत्येक चरण की वीडियोग्राफी सुनिश्चित की जायेगी । वीडियो कव्हरेज में गणना कर्मियों की रेण्डमाइजेशन की प्रक्रिया, स्ट्राँग रूम खोलने की प्रक्रिया, ईव्हीएम का स्ट्राँग रूम से मतगणना कक्ष में अंतरण, मतगणना कक्ष की व्यवस्थाएं, मतगणना केन्द्र पर सामान्य मतगणना की प्रक्रिया तथा रिटर्निंग अधिकारी की मेज पर सामान्य सारणीकरण की प्रक्रिया, ईव्हीएम की दोबारा जांच की प्रक्रिया, मतगणना कक्ष एवं मतगणना केन्द्र के भीतर और बाहर की सुरक्षा व्यवस्था, मतगणना केन्द्र पर अभ्यर्थियों एवं उनके अभिकत्र्ताओं की उपस्थिति, परिणाम की घोषणा की प्रक्रिया तथा मतगणना की प्रक्रिया के दौरान किसी भी समय होने वाली घटनाएं शामिल होंगी । निर्वाचन आयोग ने कहा है कि वीडियोग्राफी में तारीख एवं समय निर्दिष्ट होना चाहिए । आयोग के मुताबिक मतगणना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वीडियो कैसेट भविष्य के संदर्भ हेतु सीलबंद कर रखी जानी होगी । आयोग ने मतगणना की समूची प्रक्रिया की वीडियोग्राफी के लिए समुचित संख्या में वीडियो दलों को तैनात करने के निर्देश दिये हैं । आयोग के अनुसार मतगणना हाल में कार्यालयीन रिकार्डिंग के अलावा पूरी प्रक्रिया के दौरान किसी और प्रकार का कैमरा या वीडियोग्राफी वर्जित रहेगा। पत्रकारों या मीडिया को किसी प्रकार का कैमरा स्टेंड मतगणना हाल में लगाने की अनुमति नहीं होगी। भारत निर्वाचन द्वारा अधिकृत पास जिन्हें दिया जाएगा, केवल वही व्यक्ति हाथ का कैमरा रख सकेंगे। इसके अलावा वीडियो लेते समय किसी भी स्थिति में ईवीएम में वास्तविक मतों की फोटो कंधे या हाथ में लिए कैमरे द्वारा लेना वर्जित रहेगा। वह स्थान तक जहां कैमरा घूमता है, उस स्थान को रिटर्निंग अधिकारी द्वारा पहले से बताया जाएगा। उसके द्वारा इस सीमा को निशान बनाकर या निर्देश के लिए रस्सी आदि से चिन्हित किया जाएगा। संपूर्ण मतगणना प्रक्रिया की कराई गई वीडियोग्राफी की सीडी डीईओ (जिला निर्वाचन अधिकारी) द्वारा सुरक्षित रखी जाएगी। निर्वाचन आयोग के मुताबिक मतगणना की प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की एक सीडी प्रत्याशी या उसके निर्वाचन अधिकारी की विशिष्ट मांग पर निरूशुल्क दी जायेगी ।
मोबाइल का उपयोग एवं धूम्रपान प्रतिबंधित
मतगणना के लिये नियत स्थल पर मोबाईल एवं धूम्रपान का उपयोग वर्जित रहेगा। मतगणना स्थल पर मोबाईल का उपयोग करने वाले एवं धूम्रपान करने वालों को बाहर कर दिया जायेगा। निर्वाचन आयोग के मुताबिक उम्मीदवारों के मतगणना एजेंटों एवं शासकीय गणना कार्य के लिए नियुक्त शासकीय सेवक गणना स्थल पर मोबाइल, केलकुलेटर, खाने-पीने की सामग्री आदि लेकर नहीं जा सकेंगे। मतगणना अभिकर्ताओं को केवल एक पेन एवं दो कागज ही ले जाने दिया जाएगा। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतगणना स्थल पर मतगणना कार्य में संलग्न सभी अधिकारी-कर्मचारी, अभ्यर्थी, अभ्यर्थी के निर्वाचन अभिकर्ता एवं गणना अभिकर्ताओं को मतगणना स्थल पर मोबाईल, धूम्रपान संबंधी वस्तुएं जैसे जर्दा, पान, सुपारी, पाउच, बीड़ी, सिगरेट आदि साथ ले जाना व इसका उपयोग करना पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा।