अगले सत्र से ही हो पाएंगी पांचवीं व आठवीं बोर्ड परीक्षाएं

जबलपुर। स्कूलों में पांचवीं और आठवीं की परीक्षाएं इस सत्र से बोर्ड स्तर की नहीं हो पाएंगी। इसे लेकर स्कूलों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। केन्द्र सरकार से दोनों कक्षाओं को बोर्ड करने की अनुमति मिल चुकी है, फिर भी अभी तक प्रदेश में इस संबंध में कोई निर्णय नहीं हो पाया है। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा कोई आदेश जारी नहीं किए गए हैं। अब अगले सत्र से ही यह कक्षाएं बोर्ड हो पाएंगी। इस सत्र के लिए 5वीं व 8वीं के बच्चों का मूल्यांकन प्रतिभा पर्व से होगा। इसी माह के दूसरे सप्ताह से प्रतिभा पर्व मूल्यांकन आयोजित किया जा रहा है। केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड (कैब) की केन्द्र और राज्यों के शिक्षा मंत्रियों की लगभग डेढ़ साल पहले आयोजित बैठक में यह तय हुआ था कि अब स्कूलों में पांचवीं-आठवीं में बोर्ड परीक्षा आयोजित करें। इसका मसौदा प्रदेश सरकार ने ही तैयार किया था। इसके बाद केंद्र ने इसे अपने हिसाब से लागू की बात कही थी। लेकिन केन्द्र से अनुमति मिलने के बाद भी अब तक प्रदेश सरकार द्वारा कोई बैठक आयोजित नहीं की गई। इस कारण अब तक इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया है। जबकि अगर इस सत्र से बोर्ड परीक्षा होती तो इसकी तैयारी अब तक हो जाती । ज्ञात हो कि तीन साल पहले राज्य सरकार ने ही यह प्रस्ताव दिया था कि पांचवी-आठवीं को फिर से बोर्ड किया जाए, क्योंकि बोर्ड न होने से शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
आरटीई में करना होगा संशोधन
पांचवीं और आठवीं कक्षा में बोर्ड परीक्षा का अधिकार केन्द्र द्वारा राज्यों को देने की सहमति के बाद प्रदेश सरकारें इसे लागू करती हैं। पांचवीं और आठवीं बोर्ड परीक्षा करने के लिए राइट टू एजुकेशन (आरटीई) कानून में संशोधन के बाद लागू की जा सकती है। केन्द्र सरकार ने राज्यों पर छोड़ा है कि वे पांचवीं-आठवीं में परीक्षा पद्घति लागू करना चाहते हैं या नहीं। राज्य ने इसकी लिए सहमति दी थी। लेकिन आरटीई की धारा 30 के कारण इसे बोर्ड परीक्षा घोषित नहीं किया जा रहा। इसकी वजह यह है कि धारा 30 के तहत पहली से आठवीं तक परीक्षा लेने पर रोक लगाई गई है। इसलिए इसे परीक्षा नहीं कह सकते।