बढ़ रही लोगों की उत्सुकता, प्रत्याशियों के दिलों की धड़कनें।

जबलपुर ,यभाप्र। जैस-जैसे मतगणना की तारीख करीब आ रही है लोगों की उत्सुकता बढ़ रही है तो प्रत्याशियों के दिलों की धड़कनें। दरअसल यह चुनाव कुछ वैसे ही है कि जब तक अंतिम चरण के परिणाम नहीं आते, कोई कुछ भी नहीं कह सकता कि कौन जीतेगा और कौन हारेगा ? वैसे भी इस बार मतदान के पहले तक मतदाता की खामोशी ने काफी हद तक प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओ को चिंता में डाल दिया था। मतदान अधिक होने को लेकर कांग्रेसी उत्साहित नजर आ रहे हैं। उनका मानना है कि यह 2 फीसदी वोट सत्ता के खिलाफ निकला है तो वहीं भाजपा का दावा है कि प्रदेश सरकार द्वारा आम जनता की भलाई के लिए कई तरह की योजनाएं संचालित की गई है और इसका फायदा सभी वर्ग के लोगों को मिला है। जनता सरकार के कामकाज से खुश है और मतदाताओं ने घरों से निकलकर एक बार फिर सरकार के पक्ष में मतदान किया है। विधानसभा चुनाव में कोई सिख मतदाताओं पर तो कोई ब्राहृण मतदाताओं पर, कोई मुस्लिम मतदाताओं और क्रिश्चियन मतदाताओं पर अपना एक तरफा कब्जा मान रहा है। राजनैतिक पंडित कांग्रेस का पलड़ा ज्यादा भारी बता रहे और भाजपा को कड़ी टक्कर मिलने की बात भी कर रहे हैं बहरहाल किसके दावे कितने सच हैं, यह तो 11 दिसबर को मतगणना के बाद ही पता चल सकेगा। लेकिन निष्पक्ष रूप से मतदान के बाद जो लोग आंकलन और राजनैतिक गुणाभाग कर रहे हैं, उनका मानना है कि इस बार यहां कांग्रेस अपनी उपस्थिति सम्मानजनक तरीके से दर्ज कराने जा रही है। यह बात अलहदा है कि इसको लेकर कोई भी पुख्ता दावा करता नजर नहीं आ रहा। इसका हिसाब अभी कोई भी राजनैतिक पण्डित सही तरीके से नहीं लगा पा रहे हैं लेकिन सभी अपनी-अपनी जीत के प्रति आशान्वित होकर विजयी जुलूस निकालने की तैयारी में जुट गये हैं।
कई ने बुक कर लिए हैं बैंड बाजे – ढोल नगाड़ों
हालांकि अपनी-अपनी जीत के प्रति आशान्वित सभी प्रमुख दलों के प्रत्याशियों ने अपने-अपने जुलूस की तैयारियां भी प्रारंभ कर दी हैं। इसके लिए न सिर्फ शहनाई वरन बैंड बाजे और ढोल नगाड़ों भी बुक करा लिए हैं। जीत के प्रति आश्वस्त प्रत्याशी मौका भी हाथ से नहीं जाने देनर चाहते ि दरअसल उन्हें लग रहा था कि दूसरा दल पहले बाजी न मार ले और शहर के कुछ चुनिंदा ढोल नगाड़े वाले उनके जुलूस में न चले जाएं, लिहाजा इसके लिए भी होड़ लगी रही और लगभग सभी प्रमुख दलों जिसमें भाजपा तथा कांग्रेस प्रमुख रूप से शामिल हैं, इन्होंने बैंड बाजों की बुकिंग करा ली है। सवाल यह उठता है कि जीतना तो किसी एक को ही है, फिर आखिर इस तरह प्रमुख दलों द्वारा गार्डन और बैंड आतिशबाजी बुक करने से प्रतीत होना लाजिमी है कि जीत को लेकर इस कदर प्रत्याशी आशान्वित हैं कि अब तो मतदाता भी पूरी तरह से भ्रमित हो चुके हैं।