अरे भाई मैडम का आदेश है

जबलपुर,नगर प्रतिनिधि। अरे भाई मैडम का आदेश है इस वक्त यह शब्द कलेक्ट्रेट के हर कर्मचारी के होते हैं। क्या पता मैडम का यह आदेश हो भी ना हो , भले मैडम को इस बारे में कुछ पता भी ना हो,परंतु हर बात पर कलेक्टर मैडम के नाम का दुरुपयोग कर लोगों को एक जगह से दूसरी जगह कलेक्ट्रैड का भ्रमण करवाया जाता है कोई भी व्यक्ति जब भी किसी भी बात का स्पष्टीकरण देने पहुंचता है तो उससे कलेक्ट्रेट के विभिन्न वर्ग के कर्मचारी आचार संहिता का हवाला देते हुए यह कह देते हैं कि हम कुछ भी नहीं कर सकते मैडम का आदेश है । ऐसी ही कुछ समस्याएं कौन गाड़ी मालिकों को हो रही है जिनकी गाडय़िां निर्वाचन आयोग द्वारा जप्त कर ली गई थी तथा निर्वाचन कार्य होने के बावजूद गाडय़िां अभी तक वापस नहीं की जा रही है यहां तक की कुछ निम्न स्तर के कर्मचारियों द्वारा गाडय़िों का दुरुपयोग किया जा रहा है और कुछ तहसीलदारों द्वारा गाडय़िां उपयोग की जा रही हैं ।
शासकीय वाहनों का दुरुपयोग
निर्वाचन के नाम पर शासकीय वाहनों का दुरुपयोग निर्वाचन कार्यालय के द्वारा किया जा रहा है। अन्य विभागों से चुनाव के नाम पर 14 10 2018 से मंगाए गए शासकीय वाहन कुछ तो वापस कर दिए गए हैं परंतु अभी तक कुछ वाहनों को वापस नहीं किया जा रहा है जबकि सभी को पता है कि निर्वाचन कार्य समाप्त हो गया गया फिर भी वाहनों को निर्वाचन के नाम पर रोका जा रहा है और कलेक्ट्रेट के अधिकारी उन वाहनों का धड़ल्ले से दुरुपयोग कर रहे हैं जिसके चलते पिछले दो माह के अन्य विभागों के फील्ड वर्क रुक गए हैं ।
कैसा हुआ है गाडय़िों का बंदरबांट
1000 वाहनों का हिसाब 10000000 रुपए के पार पहुंचा है। लाखों रुपए का किराया व डीजल सिर्फ 3 दिन में लग गया।
400 से ज्यादा चार पहिया वाहन किराए पर लिए गए। वीआईपी वाहन 15 परीक्षकों के लिए, ऑब्जर्वर के लिए 13 वाहन, एसएसटी एसएसटी दल के लिए 38 वा 40 वाहन, एईओदल को 8, सेक्टर मजिस्ट्रेट 10, जोनल अधिकारियों के लिए 160, दिव्यांगों के लिए 42, 10 वाहन अन्य अधिकारी तथा 20 वाहन रिजर्व में रखे गए।

वाहन लेने में करनी पड़ रही है जद्दोजहद
कुछ विभाग के अधिकारी जब भी अपने वाहन के लिए कलेक्ट्रेट में अधिकारियों के पास वाहन वापस करने की गुहार लगा रहे हैं वहां वाहन वापस करने की बात पर सिर्फ एक ही बात कह दी जाती है मैडम का आदेश है हम कुछ नहीं कर सकते

1 तहसीलदार कर रहे हैं ,गाडिय़ों का उपयोग
कलेक्ट्रेट की कुछ तहसीलदार इन वाहनों का धड़ल्ले से किस प्रकार से दुरुपयोग कर रहे हैं कि इनके पास एक से दो वाहन रिजर्व में रखे हुए हैं और कलेक्ट्रेट से मतगणना पॉइंट में जाने के लिए यह इन गाडय़िों का उपयोग कर रहे हैं।

इस संबंध में निर्वाचन आयोग के उप निरीक्षक नम: शिवाय अरजरिया से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि गाडय़िों का प्रभार शहर के अपर कलेक्टर डॉक्टर फटिन राहुल हरिदास जी के पास है जब हमारे द्वारा उनसे संपर्क किया गया तो वह किसी मीटिंग में व्यस्त थी जिससे जिसके चलते उनसे संपर्क नहीं हो पाया तथा उन्होंने बाद में बात करने की बात कही । बात भी करते तो हो सकता यही कहते कि हम कुछ नहीं कर सकते क्योंकि मैडम का आदेश है ।