अब बस संचालकों को भरना होगा एक मुश्त पूरा टैक्स

जबलपुर,यभाप्र। परिवहन विभाग की सॉफ्टवेयर में बदलाव कर दिया है।अब तक बस संचालक मनमाने तरीके से टैक्स जमा करते थे, लेकिन अब उन्हें पूरा टैक्स एकमुश्त जमा करना होगा। जानकारी के मुताबिक, पहले वेबसाइड पर गाड़ी का नंबर डालते ही सीधे गाड़ी की डिटेल का पेज खुलता था। इसमें बस संचालक टैक्स की राशि अपने हिसाब से भर देते थे। बकाया राशि को माह के बीच में अपनी सुविधा अनुसार कभी भी जमा कर देते थे। किसी बस संचालक के पास अगर रुपए की दिक्कत होती थी तो वह जुर्माने से बचने के लिए टैक्स की कुछ राशि जमा कर देता था। जैसे किसी संचालक के पास चार बसें हैं और उनका टैक्स 70 हजार रुपए होता था तो वह अपनी सुविधा अनुसार राशि जमा कर बाकी अगले माह भर देते थे। सूत्रों के मुताबिक, अब ऐसा नहीं हो पाएगा। अब कम्प्यूटर पर फाइल खुलते ही टैक्स की गणना कम्प्यूटर खुद कर लेगा। इससे कम राशि डालने पर टैक्स जमा नहीं होगा। प्रभारी आरटीओ संतोष पाल ने बताया कि जिस किसी भी मोटर मालिक के पास 10 बसें हैं अज्ञैर उनमें से किसी भी एक का कर नहीं भरा गया तो कोई सुविधा नहीं मिलेगी। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में साफ-साफ कहा है कि जो मोटर मालिक टैक्स जमा करने में कोताही बरते उसकी कोई भी बसें सड़कों पर नहीं चल सकती हैं। अभी तक मोटर मालिक मनमाने तरीके से कर भरते थे। हमने उन पर सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। अब उन्हें एक मुश्त पूरा टैक्स जमा करना होगा। उधर आईएसबीटी बस आपरेटर संघ के उपाध्यक्ष नसीम बेग व बच्चू रोहाणी का कहना है कि हम लोग विभाग के साथ पूरा सहयोग करते आ रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।