अपनी ढपली अपना राग हम जीतेंगे वो हारेंगे

जबलपुर,यभाप्र। किस विधानसभा से कौन जीतेगा और प्रदेश में किसकी सरकार बनेगी? इस बात का खुलासा भले ही 11 दिसम्बर हो, लेकिन लोगों ने अभी से तय कर दिया है कि किसकी सरकार बनेगी। वे मध्यप्रदेश के साथ साथ छत्तीसगढ़ तक की बात कर रहे हैं। लोग दुकानों ,चायपान के पान ठेलों, काफी हाउस आदि जगह सिर्फ कयास बाजी में जुटे हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया के माध्यम से भी किस दल की सरकार बनेगी इसको लेकर बन-बिगड़ रहे राजनीतिक समीकरणों पर तंज कसे जा रहे हैं। हद तो यह है कि कुछ लोग े विधानसभावार जातिगत आंकड़ों के साथ यह दावा पेश कर रहे हंै कि किस प्रत्याशी को किस जाति वर्ग के कितने वोट मिलने वाले हैं। प्रत्याशियों के समर्थक से लेकर रिटायर्ड अधिकारी-कर्मचारी और नौजवान अपने अपने गणित पोस्ट और कमेंट में बता रहे हैं। नेताओं के चेले जीत-हार और सरकार को लेकर दावे तो कर ही रहे हैं, अपने-अपने आकाओं की गुडबुक में भी नंबर बढ़ाने का कोई मौका नहीं छोडऱहे हैं। मतदान के दिन लगी कतारों के फोटो प्रत्याशियों को भेजकर दावा कर रहे हैं कि ये सब उनके कहने पर नेताजी को वोट देने के लिए लाइन में लगे हैं।
नये वोटरों ने किसको दिया अपना वोट
अब फिर से सवाल यह उठ रहा है कि आखिर प्रत्येक विधानसभा में जुड़े करीब 21 हजार पहली बार वाले मतदाओं ने किसकों वोट किया। । हालांकि इधर भी भाजपा और कांग्रेस के अपने अलग अलग दावे दिख रहे हैं और दावों में दोनों ही वजनदार नजर आ रहे हैं।