दिल द मामला है

ठंड से बढ़ रहे हार्ट अटैक और लकवे के मरीज

जबलपुर,प्रतिनिधि। बढ़ रही ठंड अब लोगों की सेहत पर भारी पडऩे लगी है। अस्पतालों में मरीजों का ग्राफ बढ़ रहा है। खास तौर से दिल की बीमरी से पीडि़त मरीजों की संख्या ज्यादा हैं। नेताजी सुभाषचन्द्र बोस मेडिकल अस्पताल और शहर के निजी अस्पतालों में प्रतिदिन ह्दयाघात और पक्षाघात के एक दर्जन मामले पहुंच रहे है। डॉक्टरों के अनुसार ठण्ड में रक्त नलिकाएं सिकुड़ जाती है। जिससे रक्त संचार प्रभावित होता है। इस कारण रक्तचाप बढ़ जाता है। ठण्ड में लोग गरिष्ठ पदार्थ का सेवन भी करते है इससे कॉलेस्ट्राल बढ़ जाता है। हाई ब्लड प्र्र्र्र्रेशर के कारण कई बार रक्त नलिकाएं चोक हो जाती है। इसका असर हार्ट और ब्रेन पर पड़ता है। ब्रेन तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती जिससे हार्ट अटैक होता है।
बढ़ा दवाओं का डोज
डॉक्टरों के अनुसार ठण्ड बढऩे के साथ ह्दय रोगियों और ब्लड प्रेशर के मरीजों की दवाओं के डोज भी बढ़ाए जा रहे है। डॉक्टरों के पास हार्ट और ब्लड प्रेशर के मरीज भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे है।
कम उम्र के मरीज भी
ह्दय रोग और ब्लड प्रेशर क ी शिकायत लेकर कम उम्र के मरीज भी सामने आ रहे है शहर के निजी अस्पतालों में रोजाना ऐसे मामलें सामने आ रहे है जिसमें 27 से 35 उम्र के नौजवान भी इस बीमारी के चलते अस्पतालों में इलाज के लिये पहुंच रहे है वही दो दिन पूर्व ही शहर के निजी अस्पताल में हार्ट अटैक से 28 वर्षीय युवक की मौत हो गयी।
मिट्टी का तेल बिगाड़ रहा खेल
आमतौर पर देखा गया है कि पक्षाघात के मरीजों को उसके परिजन तुरंत ही मिट्टी का तेल पिला दिया करते है हालांकि ऐसा करने से चिकित्सक भी मना करते है चिकित्सकों का कहना है कि लकवा लगने के साढ़े चार घंटे तक अगर मरीज को समुचित चिकित्सा मिल जाए तो वह ठीक हो सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्राय: देखा गया है कि लकवा लगते ही झाड़ फूंक शुरू कर दी जाती है जिससे समय अधिक बर्बाद होने के कारण मरीज की मौत हो जाती है। वही ज्यादातर मामलों में मरीज की मौत लकवे से कम मिट्टी का तेल पिलाने से ज्यादा होती है।
सीने में दर्द की शिकायत को हल्कें में ना ले
ठण्ड के पड़ते ही हार्ट अटैक के मामलें बढऩे लगे है।अस्पताल में प्रतिदिन दो से तीन मामलें हार्ट अटैक के सामने आ रहे है। ठण्ड के साथ ही ब्लड प्रेशर के मरीजों और हार्ट के मरीजों को दवाओं का डोज नियंत्रित करना चाहिए। सीने में दर्द की शिकायत को हल्कें में ना ले। यंग ऐज में भी हार्ट अटैक के मामलें सामनें आ रहे है।
डॉ आर एस शर्मा, ह्दय रोग
विशेषज्ञ मेडिकल