एक एक दिन कट रहा मुश्किल से 11 तारीख का बेसब्री से किया जा रहा इंतजार

अटकलों का दौर जारी
जबलपुर मुनप। विधानसभा चुनाव के लिये मतदान संपन्न होने के बाद प्रत्यासियों के बाद ईवीएम मशीनों में कैद हो गया है मतगणना के लिये 11 दिसंबर की तारीख का प्रत्याशियों और उनके समर्थकों वेसब्री से इंतजार है शहर से लेकर ग्रामणी क्षेत्रों में 28 नवंबर को मतदान अवसर पर मतदाताओं ने जिस उत्साह के साथ बढ़चढ़ कर अपने-अपने मन पंसद प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान किया उसके बाद गली चौराहों से लेकर प्रत्याशियों के कार्यालयों में जीत हार को लेकर अटकलों का दौर जारी है। पिछले चुनाव की तुलना में इस बार जिस तरह से मतदान का प्रतिशत बढ़ा है उसने उम्मीदवारों की नींद उड़ा दी है। और सभी बेसब्री से 11 तारीख के इंतजार में एक एक दिन बामुश्किल काट पा रहे है। ईवीएम मशीन में बंद प्रत्याशियों के भाग्य और हार जीत को लेकर जगह जगह अपने अपने चहेते प्रत्यशियों के हार जीत की चर्चा कर अपने मन को न केवल तसली दे रही है। बल्कि अपने चहेते प्रत्याशी की जीत का दावा करने में भी पीछे नहीं है। चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे प्रत्यशियों के साथ मतदाताओं को भी अगामी 11 दिसंबर को आने वाले चुनाव परिणाम को लेकर बेसब्री हो रही है। चुनाव मैदान मेें उतरे प्रत्याशियों का दिन का चेन और रातों की नींद उड़ी हुई अंदर ही अंदर सभी को यह भय सता रहा है कि ना जाने 11 दिसंबर को परिणाम किसके पक्ष में आता है और मतदाता किसके सिर पर जीत का शेहरा बधता है लेकिन इस बात का फैसला ईवीएम मशीन में सुरक्षित रखा हुआ है लेकिन राजनैनिकत दलों के विशेषज्ञों द्वारा अपने अपने प्रत्याशियों के पक्ष में अपने अपने प्रत्याशियों के पक्ष में गुणा भाग लगा कर हार जीत का अकलन करने में लगे है। हार जीत के इस खेल में निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी चुनाव मैदान में दाव लगा कर अपना भाग अजमाया है लेकिन बाजी कौन मरता है। यह कहना अभी स्पष्ट नहीं होगा क्योंकि चुनाव प्रक्रिया प्रांरभ होने मतदान होने तक लगभग 80 प्रतिशत मतदाता मौन रहा इस बार मतदाताओं अपने पत्ते नहीं खोले और ना ही अपने मन की बात किसी को बताये मतदाता क्या गुल खिलाये गया यह निर्णय तो अभी मशीनों में बंद पड़ा हुआ है। और आने वाली 11 दिसंबर को जब चुनाव परिणाम घोषित होगें तो किस के सर जीत का ताज होता है। और किसे हार सामना करना पड़ता यह स्पष्ट हो सकेंगा।