मतगणना की तैयारियां शुरू

गणना सुपरवाईजर व गणना सहायकों का प्रशिक्षण 4 को
जबलपुर,। विधानसभा चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर डाले गये मतों की गणना के लिए नियुक्त किये जाने वाले गणना पर्यवेक्षकों व गणना सहायकों का प्रशिक्षण मंगलवार 4 दिसंबर को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में होगा ।
विधानसभा चुनाव के नोडल अधिकारी प्रशिक्षण अपर कलेक्टर डॉ. राहुल फटिंग के मुताबिक गणना पर्यवेक्षकों और गणना सहायकों को प्रशिक्षण चार पालियों में सुबह 10 से 12 बजे, दोपहर 12 से 2 बजे, दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तथा शाम 4 बजे से शाम 6 बजे तक दिया जायेगा । अपर कलेक्टर ने मतगणना के लिए नियुक्त सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को तय समय पर कलेक्टर कार्यालय में मौजूद रहने के निर्देश दिये हैं ।

माइक्रो आब्जर्वर का प्रशिक्षण 5 को
जबलपुर,। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विधानसभा चुनाव की मतगणना के लिए प्रत्येक गणना टेबल पर माइक्रो आब्जर्वर के रूप में नियुक्त किये जाने वाले कर्मचारियों को प्रशिक्षण बुधवार 5 दिसंबर को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में दिया जायेगा । माइक्रो आब्जर्वर का प्रशिक्षण दो सत्रों में सुबह 11 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक तथा दोपहर 12.30 बजे से 2 बजे तक होगा ।
डाकमत पत्रों की गणना के लिए नियुक्त कर्मियों का प्रशिक्षण 5 को
जबलपुर, । विधानसभा चुनाव में डाकमत पत्रों से डाले गये वोटों की गणना के लिए नियुक्त अधिकारियों-कर्मचारियों को गणना की प्रक्रिया का प्रशिक्षण 5 दिसंबर को शाम 5 बजे से कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में दिया जायेगा ।

मतों की गणना के लिए इस्तेमाल की जाने वाली हर टेबल पर होगा एक माइक्रो आब्जर्वर
जबलपुर, । चन आयोग के निर्देशानुसार प्रत्येक गणना मेज पर एक माइक्रो आब्जर्वर को भी तैनात किया जायेगा । ये माइक्रो आब्जर्वर गणना सहायक और गणना सुपरवाईजर के अलावा होंगे । माइक्रो आब्जर्वर केन्द्र सरकार या केन्द्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों का अधिकारी या कर्मचारी ही होगा । माइक्रो आब्जर्वर उस मेज की मतों की गणना की परिशुद्धता के लिए जिम्मेदार होगा जिस मेज पर उसे तैनात किया जायेगा । निर्वाचन आयोग के मुताबिक माइक्रो आब्जर्वर के रूप में तैनात कर्मचारी ईव्हीएम द्वारा प्रदर्शित प्रत्येक दौर के गणना किये जा रहे मतों का ब्यौरा उन्हें दिये गये मुद्रित उस प्रारूप में दर्ज करेंगे जिसमें कंट्रोल यूनिट नंबर, चक्र नंबर, मेज नंबर, मतगणना केन्द्र नंबर तथा चुनाव लडऩे वाले उम्मीदवारों के नामों का उल्लेख होगा । माइक्रो आब्जर्वर को इस बारे में बकायदा प्रशिक्षण भी दिया जायेगा ।
निर्वाचन आयोग ने गणना मेजों के अलावा प्रत्येक गणना हॉल में दो अतिरिक्त माइक्रो आब्जर्वर को तैनात करने के निर्देश भी दिये हैं । इनमें से एक प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए दर्ज मतों के चक्रवार संकलन के लिए मतगणना हॉल में रखे गये कम्प्यूटर में डाटा एंट्री पर निगरानी रखेगा तथा यह सुनिश्चित करेगा कि सभी प्रविष्टियां डाटा एंट्री आपरेटर द्वारा सही ढंग से डाली गई हैं । जबकि दूसरा माइक्रो आब्जर्वर निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त प्रेक्षक को सहायता प्रदान करेगा तथा गणना के चक्रवार दर्ज आंकड़ों के कम्प्यूटर से लिये गये पिं्रट आउट से यह जांच करेगा कि दर्ज किये गये सभी आंकड़े सही और पूर्ण हैं ।
निर्वाचन आयोग के मुताबिक ऐसी प्रत्येक मेज पर भी एक माइक्रो आब्जर्वर को नियुक्त किया जाना होगा जिस मेज का इस्तेमाल डाकमत पत्रों की गणना के लिए किया जायेगा । चूंकि माइक्रो आब्जर्वर निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त प्रेक्षकों के नियंत्रण में रहेंगे इसलिए ये अपनी रिपोर्ट सीधे आयोग के प्रेक्षकों को ही देंगे ।

एक सौ बारह टेबिलों पर होगी मतों की गणना
22 चक्रों में पूरी होगी पाटन और पनागर विधानसभा क्षेत्रों के मतों की गणना
जबलपुर, । विधानसभा चुनाव के तहत जिले की आठों विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में ईव्हीएम पर डाले गये मतों की गणना 112 टेबिलों पर की जायेगी । भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के मुताबिक जिले के प्रत्येक विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में डाले गये मतों की गणना के लिए 14-14 टेबिलों का उपयोग किया जायेगा ।
इस लिहाज से विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र पाटन और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र पनागर के ईव्हीएम में दर्ज मतों की गणना 22-22 चक्र में होगें । जबकि विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र बरगी और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र सिहोरा के मतों की गणना 21-21 चक्रों में सम्पन्न होगी । विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र जबलपुर पश्चिम के मतों की गणना 20 चक्र में तथा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र जबलपुर उत्तर के मतों की गणना 18 राउण्ड में पूरी होगी । इसी प्रकार विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र जबलपुर पूर्व और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र जबलपुर केंट के ईव्हीएम पर दर्ज मतों की गण्ना 16-16 चक्र में खत्म होगी । विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र पाटन के मतों की गणना के 22वें और अंतिम चक्र में 9 मतदान केन्द्रों एवं विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र पनागर के मतों की गणना के 22वें चक्र में 12 मतदान केन्द्रों के मतों की गणना की जायेगी । इसी प्रकार विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र बरगी एवं विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र सिहोरा के मतों की गणना के 21वें और अंतिम चक्र में क्रमशरू 4 व 2 मतदान केन्द्रों के मतों की गणना की जायेगी । विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र जबलपुर पश्चिम के मतों की गणना के 20वें और अंतिम चक्र में 09, विधानसभा क्षेत्र जबलपुर उत्तर के मतों की गणना के 18वें और अंतिम चक्र में 03 तथा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र जबलपुर केंट के मतों की गणना के 16वें और अंतिम चक्र में 03 मतदान केन्द्रों के मतों की गणना होगी । विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र जबलपुर पूर्व के मतों की गणना के 16वें और अंतिम राउण्ड में 14 मतदान केन्द्रों के मतों की गणना की जायेगी ।
यहां उल्लेखनीय है कि पन्द्रहवीं विधानसभा के चुनाव के लिए विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र पाटन में 303, बरगी में 284, जबलपुर पूर्व में 224, जबलपुर उत्तर में 241, जबलपुर केंट में 213, जबलपुर पश्चिम में 275, पनागर में 306 और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र सिहोरा में 282 मतदान केन्द्र स्थापित किये गये थे । इसके साथ ही विधानसभा क्षेत्र जबलपुर केंट और जबलपुर पश्चिम में एक-एक सहायक मतदान केन्द्र भी स्थापित किये गये थे ।

वैध मतो का छठा हिस्सा नहीं मिलने पर होगी जमानत राशि जप्त
जबलपुर,। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चुनाव लड़ रहे वे सभी उम्मीदवार अपनी निक्षेप राशि या सुरक्षा निधि गंवा बैठेंगे जिन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्र में कुल डाले गये वैध मतों के छठवें हिस्से से कम या बराबर मत प्राप्त होंगे ।
आयोग के निर्देशों के मुताबिक कुल वैध मतों के 16.66 प्रतिशत अथवा छठवें हिस्से से कम या बराबर मत मिलने पर उम्मीदवार द्वारा नाम निर्देशन पत्र के साथ जमा की गई निक्षेप राशि जप्त कर ली जायेगी । इस राशि को उसे वापस नहीं किया जायेगा । आम बोलचाल की भाषा में इसे जमानत जप्त हो जाना कहते हैं ।
निर्वाचन आयोग के मुताबिक विधानसभा चुनाव लडऩे के लिए सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को 10 हजार रूपए और अनुसूचित वर्ग के प्रत्याशियों को 5 हजार रूपए की सुरक्षा निधि नामजदगी का पर्चा दाखिल करते वक्त जमा करानी होती है । व्यवस्था यह है कि उम्मीदवार यदि अपने विधानसभा क्षेत्र में पड़े कुल वैध मतों का 16.66 प्रतिशत हिस्सा (छठवां हिस्सा) भी हासिल न कर सके तो फिर उसके लिए अपनी यह जमानत राशि बचाना मुमकिन नहीं रह जाता ।

मतगणना प्रारंभ होने के पूर्व तक दे सकेंगे मतदान कर्मी अपना वोट
विधानसभावार आठ मतपेटियां रखी गई
जबलपुर, । मतदान दलों में तैनात ऐसे मतदान कर्मी जो डाक मतपत्र के माध्यम से अभी तक अपने मताधिकार का उपयोग नहीं कर सकें हैं वो मतगणना प्रारंभ होने के पहले 8 दिसंबर की सुबह 8 बजे तक अपना वोट डाल सकेंगे । इसके लिए जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा विशेष व्यवस्था की गई है । ऐसे मतदान कर्मियों के लिए जो अभी तक डाक मतपत्र से अपने वोट नहीं डाल पाये हैं उनके लिए कलेक्ट्रेट जिला कोषालय में विधानसभावार मतपेटियां रखी गई हैं । मतदान कर्मी डाक घर के माध्यम से भी अपने डाक मतपत्र जिला निर्वाचन कार्यालय को भेज सकते हैं । लेकिन डाकघर के माध्यम से ये मतपत्र मतगणना प्रारंभ होने के पूर्व हर हालत में जिला निर्वाचन कार्यालय को मिल जाने चाहिए ।
कलेक्टर ने मतगणना की तैयारियों का लिया जायजा
जबलपुर,। जिला निर्वाचन अधिकाकरी एवं कलेक्टर श्रीमती छवि भारद्वाज ने आज शनिवार को भी एमएलबी स्कूल पहुंचकर मतगणना की चल रही तैयारियों का जायजा लिया । इस दौरान श्रीमती भारद्वाज ने मतगणना में इस्तेमाल किये जाने वाले प्रत्येक कक्ष का निरीक्षण किया । उन्होंने मतगणना हाल में उम्मीदवारों के गणना अभिकत्र्ताओं की बैठक व्यवस्था के बारे में जरूरी निर्देश अधिकारियों को दिये ।
मतगणना केन्द्र के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने प्रत्येक मतगणना कक्ष में पब्लिक एड्रेस सिस्टम तथा वीडियो कैमरे लगाने के निर्देश दिये । इसके साथ ही उन्होंने मतगणना चक्रवार परिणामों की डाटा एंट्री के लिए प्रत्येक मतगणना कक्ष में कम्प्यूटर लगाने और प्रशिक्षित कम्प्यूटर आपरेटर को तैनात करने की हिदायत दी । श्रीमती भारद्वाज ने मतों की गणना के लिए नियुक्त किये जाने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर भी जोर दिया । निरीक्षण के दौरान कलेक्टर के साथ अपर कलेक्टर डॉ. राहुल फटिंग, उप जिला निर्वाचन अधिकारी नमरूशिवाय अरजरिया तथा अन्य अधिकारी मौजूद थे ।
स्ट्राँग रूम की सुरक्षा व्यवस्था भी देखी-
मतगणना की चल रही तैयारियों के निरीक्षण के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी वं कलेक्टर श्रीमती भारद्वाज ने एमएलबी स्कूल स्थित स्ट्राँग रूम की सुरक्षा व्यवस्था का भी जायजा लिया । इस मौके पर उन्होंने स्ट्राँग रूम के प्रवेश द्वार पर रखे निरीक्षण रजिस्टर पर भी अपने हस्ताक्षर किये । ज्ञात हो कि मतदान में इस्तेमाल की गई ईव्हीएम और व्हीव्हीपेट मशीनों को एमएलबी स्कूल स्थित स्ट्राँग रूम में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है । स्ट्राँग रूम के प्रवेश द्वार पर भारत तिब्बत सीमा पुलिस के जवानों को पहरे पर लगाया गया है । जबकि तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था के तहत स्ट्राँग रूम के बाहरी सर्किल पर जिला पुलिस बल के अधिकारी और जवानों को तैनात किया गया है । स्ट्राँग रूम के भीतर और बाहर 26 सीसीटीव्ही कैमरों से लगातार निगरानी रखी जा रही है । उम्मीदवारों द्वारा स्ट्राँग रूम की निगरानी के लिए नियुक्त प्रतिनिधियों को इन सीसीटीव्ही कैमरे की तस्वीरों को देखने के लिए एलईडी टीव्ही की व्यवस्था भी की गई है ।