असिस्टेंट प्रोफेसर का इस्तीफा करें मंजूर

जबलपुर,नगर प्रतिनिधि। हाईकोर्ट की जस्टिस नंदिता दुबे, जस्टिस संजय द्विवेदी और जस्टिस पीके जायसवाल की अलग-अलग बेंच ने राज्य सरकार द्वारा शिवपुरी व विदिशा में खोले गए शासकीय मेडिकल कॉलेजों के असिस्टेंट प्रोफेसर्स का इस्तीफा तत्काल मंजूर करने व एनओसी देने के निर्देश दिए हैं। शिवपुरी शासकीय मेडिकल कॉलेज के डॉ. मयंक बड़कुर, डॉ. श्वेता यादव व विदिशा शासकीय मेडिकल कॉलेज के डॉ. सौरभ सिंह तोमर ने याचिकाएं दायर कर कहा कि उनकी नियुक्ति नए खोले गए उक्त मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हुई। उनसे कम से कम तीन साल सेवा करने का बांड भराया गया। इसके पूर्व सेवा छोडऩे पर एक साल का वेतन जमा करने की शर्त रखी गई। वरिष्ठ अधिवक्ता मृगेंद्र सिंह, अधिवक्ता निधि पदम व नवतेज रूपराह ने तर्क दिया कि एक साल होते-होते याचिकाकर्ताओं को जानकारी हुई कि उक्त दोनों कॉलेजों को एमसीआई (मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ) से मान्यता नहीं मिली है। इससे याचिकाकर्ताओं को मिलने वाला एक साल का अनुभव अमान्य हो गया। इसके चलते याचिकाकर्ता अन्य किसी जगह नौकरी के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। वहीं उनका इस्तीफा स्वीकार कर उन्हें एनओसी भी नहीं दी जा रही है। इससे याचिकाकर्ताओं का भविष्य संकट में है। अंतिम सुनवाई के बाद कोर्ट ने राज्य सरकार को याचिकाकर्ताओं का इस्तीफा तत्काल मंजूर करने के निर्देश दिए।