बिजली कर्मचारियों पर काम का दबाव, लगातर हो रहे रिटायरमेंट

जबलपुर,यभाप्र। जबलपुर। बिजली कंपनियों के पास कर्मचारियों का टोटा है। कंपनी के अधिकारी भी पूरे नहीं है। हाल ही में बिजली कंपनी ने कांस्ट्रेक्ट पर अधिकारियों के अलावा कर्मचारियों को भी रखा। लेकिन यह कर्मचारी बिजली कंपनी के प्रचलित स्ट्रेक्चर पर काम करने में कामियाब नहीं हुए। ऐसे में ज्यादातर को ऑफिस वर्क में लगा दिया गया और शेष को सब स्टेशन आदि जगहों पर तैनात कर दिया गया था। बिजली कंपनी में जेई से लेकर लाइन हैल्पर तक 5 श्रेणियों के अधिकारी और कर्मचारी हैं जो बिजली सप्लाई करने वाली लाइन और संसाधनों के मेंटीनेंस का काम करते हैं। तब कहीं जाकर लोगों को सुचारू बिजली सप्लाई मिलती है। लेकिन बिजली कंपनी में इस समय जूनियर इंजीनियर से लेकर असिस्टेंट लाइन हैल्पर तक की श्रेणियों के कर्मचारियों की कमी हैं। लाइन की देख-रेख और सुधार का काम इसी श्रेणी के अधिकारी और कर्मचारी करते हैं या करवाते हैं। लेकिन मुरैना में यह काम लाइन हैल्पर कर रहे हैं। जबकिलाइन हैल्पर का काम सुधार कार्य करने वाले लाइन हैल्पर और सहायक लाइन हैल्पर्स के साथ आवश्यक सामान उठाकर ले जाने और आवश्यकता अनुसार उन्हें उपकरण उपलब्ध कराना है। लेकिन यह कर्मचारी सहायक लाइन हैल्पर से लेकर लाइन सुपरवाईजर तक का काम कर रहे हैं। इन कर्मचारियों में से ज्यादातर 50 की उम्र के आसपास हैं या इस उम्र को पार कर चुके है। बिजली कंपनी को लाइन मेंटेनेंस के लिए जो स्टाफ चाहिए, वह नहीं है। जिन कर्मचारियों को सीढ़ी और सामान उठाने के लिए कंपनी ने रखा था, वे ही लाइन फॉल्ट को सुधारते हैं। फीडर्स के संचालन के लिए तीन सौ से ज्यादा अधिकारी और कर्मचारियों की जरूरत है। लेकिन इनका सारा काम महज चंद ही लाइन हैल्पर कर रहे हैं। कंपनी के पास अनुबंधित कर्मचारी भी हैं। बीते सालों में इसी दबाव के कारण कई कर्मचारी रिटायरमेंट ले चुके हैं।