राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) शनिवार से निकलेगी रथ यात्रा

लोकसभा चुनाव के नज़दीक आते ही राम मंदिर को लेकर सियासत गर्मायी हुई है. अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बनाने को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) शनिवार से रथ यात्रा निकालने जा रही है. इसकी शुरुआत दिल्ली से होगी. राम मंदिर के लिए जन समर्थन जुटाने के लिए यह यात्रा 1 दिसंबर से 9 दिसंबर तक पूरी दिल्ली में निकाली जा रही है.
इस रथ यात्रा को ‘संकल्प रथ यात्रा’ नाम दिया गया है. इसके आयोजन की जिम्मेदारी इस बार स्वदेशी जागरण मंच को दी गई है, जो आरएसएस का ही एक संगठन है. इस यात्रा की शुरुआत संघ के प्रांत संघचालक कुलभूषण आहूजा झंडेवालान मंदिर से करेंगे.
जब अयोध्या में राममंदिर बनाने को कांग्रेस लाई थी अध्यादेश और बीजेपी ने किया था विरोध
विश्व हिंदू परिषद पहले से ही पूरे देश में जन समर्थन जुटाने में लगा हुआ है. वीएचपी ने बीते शनिवार (25 नवंबर) को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए धर्मसभा की थी. जिसमें देशभर से साधु-संतों का जमावड़ा लगा था. शिवसेना ने भी इसी पर अलग से कार्यक्रम किया था. शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मंदिर को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि अगर राम मंदिर नहीं बना तो दोबारा बीजेपी सरकार नहीं आएगी.
रथ यात्रा के आयोजन की जिम्मेदारी इस बार स्वदेशी जागरण मंच को दी गई है.
आरएसएस ने की थी धर्मसभा
वहीं, आरएसएस ने भी 25 नवंबर को ही नागपुर स्थित अपने हेडक्वार्टर में धर्मसभा की थी. धर्मसभा को संबोधित करते हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि लटकाना बहुत हुआ, अब लड़ना है. राम मंदिर बनाकर रहेंगे. उन्होंने कहा था, ‘एक साल पहले मैंने स्वयं कहा था कि धैर्य रखें. अब मैं ही कह रहा हूं कि धैर्य से काम नहीं होगा. अब हमें लोगों को एकजुट करने की जरूरत है. अब हमें कानून की मांग करनी चाहिए.”
आतंकी मसूद अजहर की धमकी- अयोध्या में राम मंदिर बना तो दिल्ली से काबुल तक मचेगी तबाही
अध्यादेश लाने की हो रही मांग
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, वीएचपी और संत समाज की ओर से लगातार मोदी सरकार पर दबाव बनाया जा रहा है कि सरकार तुरंत कानून बनाकर राम मंदिर का निर्माण करें. सरकार से मांग की जा रही है कि अध्यादेश लाकर या कानून बनाकर इसका हल निकाला जाए.

1992 में निकली थी पहली रथ यात्रा
बता दें कि 1992 में आरएसएस ने बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में एक देशव्यापी रथ यात्रा निकाली थी. इस रथ यात्रा ने अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए बड़े आंदोलन किए थे. वहीं, इस आंदोलन के बाद देशभर में सांप्रदायिक झड़प की घटनाएं हुईं. 6 दिसंबर 1992 को कारसेवको ने अयोध्या में बाबरी मस्जिद का ढांचा गिरा दिया था. अयोध्या का मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. कोर्ट ने अभी तक सुनवाई को कोई तय तारीख तय नहीं की है.