दबंग के कारण एक घंटे से ज्यादा रूका रहा अंतिम संस्कार

श्मशान भूमि में अतिक्रमणकारी ने रोकी अर्थी, सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस
किशोर गौतम
जबलपुर। जिले के समीपी खितौला थाना क्षेत्र के ग्राम परसवाड़ा में गत दिवस एक युवक की मौत हो गई युवक की मौत के बाद जब उसके अंतिम संस्कार के लिये शव यात्रा शमशान भूमि के लिये ले जायी जा रही थी तभी शमशान भुूमि मे अतिक्रमण करने वाले एक दंबग ने शव यात्रा को ही रोक दिया उसका कहना था कि यह भूमि उसकी है और यहां अंतिम संस्कार नहीं करने दिया जायेगा। वह पूरी दंबगई पर उतर आया जिसके कारण करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक अर्थी और शव यात्रा में शामिल लोग लाचार नजर आये और अर्थी को वहीं नीचे रख दिया और इस घटना की सूचना डायल 100 को दी गई सूचना देने के बाद डायल 100 मौके पर पहुंची और शव यात्रा को रोकने वाले को समझाईश दी गई तब कहीं जाकर अंतिम संस्कार हो सका।
इस संबंध में खितौला थाना प्रभारी ने जानकारी देते हुये बताया कि ग्राम परसवाड़ा के रहने वाले राजकुमार कोरी के 27 वर्षीय पुत्र दीपक कोरी का बीमारी के चलते गत सुबह निधन हो गया युवक की मौत से दुखी परिजन और गांव वाले एकत्र हुये तथा अंतिम संस्कार के लिये शमशान घाट के लिये रवाना हुये लेकिन जब अंतिम यात्रा शमशान भूमि के पास पहुंची तो शमशान भूमि में अतिक्रमण कर रखे संतोष चौधरी ने दबंगई दिखाते हुये शव यात्रा को रोक दिया यह कह कर अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया कि वह जमीन उसकी है और यहां अंतिम संस्कार नही किया जायेगा मृतक की अंतिम यात्रा में शामिल परिजन और गांव वाले इस नई मुशीबत से दुखी होकर एक दूसरे को समझाईश भी दी लेकिन संतोष चौधरी अपनी बात पर अड़ा रहा हार कर गांव वालों को पुलिस की मदद लेनी पड़ी और उनके द्वारा डायल 100 को घटना से अवगत कराया गया सूचना मिलते ही उक्त वाहन और पुलिास कर्मी मौके पर पहुंचे तथा जब संतोष को कड़ाई से समझाईश दी तो वह अंतिम संस्कार करने के लिये तैयार हो गया लेकिन इस पूरी कवायद ने करीब एक घंटे से ज्यादा अर्थी और शव यात्रा मे शामिल लोग परेशान रहे।
अतिक्रमण मुक्त कराने थाना प्रभारी करेगेंं प्रयास
खितौला थाना के अंतर्गत ग्राम परसवाड़ा में गत दिवस सामने आये इस मामले के बाद थाना प्रभारी द्वारा उक्त मामले को गंभीरता से लेते हुये एक पत्र तहसीलदार व एसडीएम को लिख कर दिया जा रहा है और इस शमशान भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई करने के लिये पत्र के माध्यम से मांग की जा रही है इस मामले में गांव वालों का कहना है कि शमशान भूमि पर जबरन अतिक्रमण किया गया है भूमि को बाड़ी लगा कर घेर लिया गया है तथा पूर्व में भी वह इस तरह की हरकत कर चुका है।
कब्जे का यह पहला मामला नहीं
ग्रामीण क्षेत्रो की भूमि पर अबैध रूप से कब्जा करने का यह कोई पहला मामला नहीं है इस तरह के मामले दूसरे गांवो में भी पूर्व में प्रकाश में आ चुके हैं भू माफियाओं की नजर से अब शमशान भूमि भी नही बच रही है और एनकेन प्रकारेण वे भूमि पर कब्जा करने के प्रयासरत रहते हैं शासन प्रशासन ऐसे गंभीर मामलों में भी आंख्ेा मीचे हुये हैं जिससे भू माफिया मनमाने ढंग से सरकारी जमीनों पी कब्जा कर उसे खुर्द बुर्द करने में लगे हैं।