जिले में 70 फीसदी से अधिक मतदान

जबलपुर। शहर भर में मतदान को लेकर लोगों में गजब का उत्साह दिखा। शाम 5 बजे तक जिले में 70 फीसदी से अधिक मतदान हो गया, जो नया कीर्तिमान है। हालांकि, कई स्थानों पर देर रात तक वोट डालने का क्रम जारी रहा, इससे यह आंकड़ा और बडऩे की उम्मीद है। पिछले विधानसभा चुनाव में 69.26 फीसदी मतदान हुआ था, जो अब तक का सर्वाधिक था। विधानसभा चुनाव 2018 के लिए जिले की आठों विधानसभा सीटों के प्रत्याशियों का भाग्य बुधवार की शाम ईवीएम में बंद हो गया। मतदाताओं ने सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान किया। सभी विधानसभा सीटों में मतदाताओं में विशेष उत्साह दिखा। मतदान की रफ्तार सुबह धीमी रही, लेकिन दोपहर बाद गति पकड़ी और शाम तक जिले में 70 फीसदी से अधिक मतदान हुआ। इस बीच पूर्व विधानसभा के शीतलामाई और पनागर विधानसभा के रैगवां क्षेत्र में हल्के विवाद भी हुए।
इंतजार के बाद भी किया मतदान
विधानसभा चुनाव में प्रदेश में पहली बार उपयोग में लाई गईं वीवीपैट में लगने वाले समय के कारण मतदाताओं में नाराजगी थी। बावजूद इसके उन्होंने लंबी-लंबी कतार में लगकर मतदान किया। बहुत कम मतदान केन्द्र ही ऐसे थे जहां मतदाताओं की लंबी-लंबी लाइन नजर नहीं आई।
दोपहर में निकलीं महिलाएं
सुबह मतदान की रफ्तार काफी धीमी थी। दोपहर बाद जैसे ही घर का कामकाज निबटाकर महिलाएं मतदान केन्द्रों में पहुंचने लगीं, रफ्तार भी ब? गई। दोपहर 12 से दोपहर 2 बजे के बीच 25 से 40 फीसदी तक मतदान हुआ था, लेकिन इसके बाद महिलाओं की ब?ी संख्या के कारण इसमें इजाफा हुआ और तीन घंटे में ही 30 फीसदी से ज्यादा मतदान हो गया।
5 बजते ही ताला बंद, भीड़ अंदर

शाम 5 बजते ही मतदान केन्द्र बंद हो गए थे लेकिन आठों विधानसभा के कई मतदान केन्द्र ऐसे रहे जहां लोगों की लाइन लगी रही। पश्चिम विधानसभा में ग्वारीघाट, हितकारिणी स्कूल देवताल, पूर्व में निर्मला चर्च, भारत सेवा समाज स्कूल, कैंट विधानसभा में कृषि विश्वविद्यालय के पोस्ट आफिस में बने मतदान केन्द्र के बाहर ताला बंद कर कतार में लगे लोगों को अंदर कर लिया गया था।
विशेष व्यवस्था से दिखी संतुष्टि
मतदान के दौरान पहली दफा ऐसा हुआ कि प्रशासन की व्यवस्था से मतदाता संतुष्ट नजर आ रहे थे, क्योंकि प्रशासन ने दिव्यांग, वृद्ध, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों के साथ पहुंची महिलाओं के मतदान के लिए विशेष व्यवस्था की थी, ताकि उन्हें कतार में न लगना पड़े।