डेंगू से छुटकारा मिला पर स्वाइन फ्लू का खतरा बरकरार

जबलपुर,यभाप्र। दीपावली का त्यौहार समाप्त होने के बाद एक बाद फिर से अस्पतालों में मरीजों की भीड़ उमडऩे लगी है। मौसम में आए बदलाव की वजह से बुखार, सर्दी-खासी जुकाम व अस्थमा के मरीज अधिक पहुंच रहे है जिसकी वजह से मेडिसिन व ईएनटी विभाग की ओपीडी में अन्य विभाग की तुलना में अधिक मरीज पहुंचे। दूसरी ओर पहले की तुलना में डेंगू के साथ-साथ मलेरिया के मरीज काफी कम हो चुके हैं। वायरल का अटेक केवल बड़ों पर ही नहीं, बल्कि बच्चों पर भी खासा नजर आ रहा है।
हालांकि ठंड शुरू होते ही डेंगू के कहर से स्वास्थ्य विभाग को कुछ राहत मिली है तो वहीं अब तापमान में गिरावट आने के कारण स्वाइन फ्लू का खतरा मंडरा रहा है। दरअसल अभी जिले में स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीज मिलना जारी है। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग अब अलर्ट हो गया है। इसी बीच जीका वायरस को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है। स्वास्थ्य विभाग दावा कर रहा है कि दीपावली में हुई साफ सफाई के कारण शहर में डेंगू का लार्वा 70 परसेंट तक खत्म हुआ है, लेकिन अब शहर में ठंडक ने दस्तक दे दी है। इस बार स्वाइन फ्लू ने गर्मी के मौसम में भी कहर बरपाया था, जिसमें स्वाइन फ्लू के कुछ केस सामने आए थे। इसी कारण विभाग ने स्वाइन फ्लू को लेकर पहले से ही तैयारियों शुरू कर दी हैं, लेकिन उसके बाद भी ठंड शुरु होने के पहले ही संदिग्ध केस सामने आने लगे हैं। अब स्वास्थ्य विभाग का फोकस स्वाइन फ्लू पर है।
ऐसे समझें स्वाइन फ्लू को
स्वाइन फ्लू, इनफ्लुएंजा (फ्लू वायरस) के अपेक्षाकृत नए स्ट्रेन इनफ्लुएंजा वायरस से होने वाला संक्रमण है। इस वायरस को ही एच1 एन1 कहा जाता है। इसे स्वाइन फ्लू इसलिए कहा गया था, क्योंकि स्वाइन फ्लू फैलाने वाले इनफ्लुएंजा वायरस से यह मिलता-जुलता था। स्वाइन फ्लू का वायरस तेजी से फैलता है। कई बार यह मरीज के आसपास रहने वाले लोगों और तीमारदारों को भी अपनी चपेट में ले लेता है। किसी में स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखें तो उससे कम से कम तीन फीट की दूरी बनाए रखना चाहिए, स्वाइन फ्लू का मरीज जिस चीज का इस्तेमाल करे, उसे भी नहीं छूना चाहिए।