चुनाव के कारण पढ़ाई ठप,छात्र चिंतित, प्राचार्य परेशान

जबलपुर,यभाप्र। सरकारी स्कूलों में नवंबर के मध्य से छमाही परीक्षा होने वाली थी, लेकिन चुनाव के कारण लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने परीक्षा की तारीख चुनाव के बाद की घोषित कर दी है। अब छमाही परीक्षा एक दिसंबर से होगी। इससे जनवरी में होने वाले प्री-बोर्ड और बोर्ड परीक्षा पर असर पड़ेगा।
विद्यार्थियों को बोर्ड और वार्षिक परीक्षा की तैयारी का समय नहीं मिलेगा। इसका असर रिजल्ट के प्रतिशत पर भी पड़ेगा। इसको लेकर छात्र तो छात्र प्राचार्य तक चिंतित हैं। उन्हें चिंता इस बात की है कि ऐसी स्थिति में कोर्स पूरा कैसे हो पाएगा। कक्षाओं में शिक्षक न आने के कारण छात्र अब घर पर ही किसी तरह से कोर्स पूरा करने में जुटे हैं। कई तो कोचिंग पर ही निर्भर हैं। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी और उनकी ड्यूटी चुनाव में लगाए जाने से वैसे भी स्कूलों में कक्षाएं नहीं लग पा रही हैं। बता दें कि एक अप्रैल से स्कूल खुलने के बाद बेसलाइन टेस्ट और सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (सीसीई) व मिडलाइन टेस्ट होने के कारण भी जितने दिन भी कक्षाएं लगी, उसमें पढ़ाई नहीं हो पाई।

छमाही परीक्षा के बाद लगती है रिवीजन क्लास
नवंबर में छमाही परीक्षा के पहले 60 फीसदी कोर्स पूरा हो जाता था और परीक्षा के बाद रिवीजन की क्लास लगती थी। लेकिन इस बार अभी तक 25 फीसदी कोर्स ही पूरा हो पाया है। ऐसे में छमाही परीक्षा के बाद स्कूलों का जोर कोर्स पूरा करने पर होगा।

प्री-बोर्ड के लिए तैयारी नहीं हो पाएगी
स्कूलों के प्राचार्यों का कहना है कि 10वीं व 12वीं की प्री-बोर्ड परीक्षा इसलिए ली जाती है, ताकि बोर्ड परीक्षा के लिए विद्यार्थी तैयार हो सकें, लेकिन दिसंबर में छमाही और इसके बाद प्री-बोर्ड के लिए विद्यार्थी कैसे तैयारी कर पाएंगे। यहां तक कि सभी कक्षाओं में कोर्स का रिवीजन भी नहीं हो पाएगा, क्योंकि कोर्स पूरा ही नहीं हुआ है।