अरे भाई ! यह कैसी मॉनिटरिंग ?

सोशल मीडिया में समर्थक
अपने भैया को बना रहे विधायक
जबलपुर। जबलपुर में इस वक्त चुनावी महोत्सव चल रहा है। इसी दौरान लोग अपने अपने चहेते दावेदारों को विधायक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं जिसमें कि सोशल मीडिया भी अछूता नहीं है आज के दौर में सोशल मीडिया एक नई क्रांति बनकर उभरा है । 2013 के चुनाव के बाद 2018 के चुनाव में 70प्रश प्रचार सोशल मीडिया में ज्यादा दिख रहा है। कुछ समर्थकों द्वारा तो हद तक पार कर दी जा रही है जब वह अपने समर्थक दावेदार एवं विपक्ष के नेता के साथ फोटो लगाकर कुछ जबलपुर की ग्रुप्स में ऑनलाइन पोलिंग या लोगों को भ्रमित कर के अनर्गल प्रचार प्रसार कर रहे हैं।
सभी विधानसभाओं में चल रहा है यह खेल
अगर हम बात करें एक विधानसभा की तो यह बात सिरे से खारिज हो जाएगी क्योंकि सिर्फ एक ही विधानसभा में यह खेल नहीं चल रहा है।बल्कि सभी में चल रहा है। समर्थकों ने चुनाव के पहले ही अपने अपने दावेदारों को फर्जी पॉलिंग के साथ विधायक बना दिया था और ये तथाकथित फर्जी विधायक टिकट भी लाने में सफल नहीं हो पाए। इनके द्वारा बकायदा सभी दावेदारों की फोटो लगा दी जाती है और ऑनलाइन सर्वे किया जा रहा है।
आचार संहिता का हो रहा है उल्लंघन
जिस प्रकार से सोशल मीडिया में अपने-अपने दावेदारों को लेकर इस प्रकार का माहौल बनाया जा रहा है तथा ऑनलाइन सर्वे अनधिकृत तरीके से किया जा रहा है वह कहीं ना कहीं आचार संहिता के उल्लंघन को दर्शा रहा है।
मॉनिटरिंग पर उठ रहे हैं सवाल
जिस प्रकार से लोग सोशल मीडिया में आचार संहिता का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं और निर्वाचन आयोग द्वारा सोशल मीडिया में मॉनिटरिंग करने की बात कर रहा था वह सिरे से गलत साबित हो रही है।
वहीं निर्वाचन आयोग के अधिकारियों का कहना है
कि भारत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म द्वारा डाटा के दुरुपयोग के मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा, ऐसे माध्यमों को हम चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की अनुमति नहीं देंगे।
भोपाल स्थित चुनाव आयोग के अधिकारियों का कहना है कि चुनाव आयोग फेसबुक, ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर आचार संहिता लागू कर चुका है ताकि देश की चुनावी प्रक्रिया को सोशल मीडिया के जरिए कोई प्रभावित नहीं कर सके। आयोग ने फेसबुक डाटा लीक मामला सामने आने पर आचार संहिता बनाने का निर्णय लिया था।
उल्लंघन करने वालों को कड़ी सजा
आईटी मामलों के विशेषज्ञ रामानुज के मुताबिक आयोग आचार संहिता का अनुपालन नहीं करने या उनका उल्लंघन करने वाले सोशल मीडिया को देश में प्रतिबंधित करने का नियम तय कर सकता है। इसके अलावा विदेश में बैठकर भारतीयों को सेवाएं देने वाले सोशल मीडिया के खिलाफ और कोई कदम उठाना मुमकिन नहीं, क्योंकि भारत में डाटा संरक्षण की कोई नीति नहीं है।

हमारे पास इस प्रकार की कोई शिकायत नहीं पहुंची है, अगर ऐसी कोई शिकायत आएगी तो जरूर कार्यवाही द्वारा कार्रवाई की जाएगी।
नम: शिवाय हर जरिया
उप निर्वाचन अधिकारी