जांचकर्ता स्वयं जांच के घेरे में: विटनरी विवि में नियुक्ति का मामला

विटनरी विवि में 10 सहायक अध्यापकों की नियुक्ति का मामला
जबलपुर। नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय में वर्ष 2015 15 में 10 सहायक अध्यापकों की नियुक्ति मामले में जांचकर्ता पर ही अंगुली उठने लगी है। नियुक्ति उनके विभाग में रोस्टर के विरुद्ध एवं अधिकता होने के कारण कर दी गई थी जिसमें कुलपति के आदेशानुसार जांच समिति का गठन किया गया था तथा जांच हेतु डॉ वाईपी साहनी (संचालक अनुसंधान सेवाएं), डॉ बी सी सरखेल(संचालक, पशु जैव प्रौद्योगिकी केंद्र), डॉ राजीव शर्मा तथा आभा कोरडे (सदस्य लेखाधिकारी) को क्रमश: अध्यक्ष सदस्य, सदस्यसचिव बनाया गया था। समिति को अपना जांच प्रतिवेदन 1 माह के अंदर आवश्यक रूप से प्रस्तुत करना था।
अभी तक नहीं हुई है कार्यवाही
26 /9/ 2018 को जांच समिति द्वारा पत्र सौंप दिया गया था, परंतु 3 से 4 साल बाद इन अध्यापकों ने अपने -अपने पदों पर गलत तरीके से नौकरी भी कर ली है हां सरकार के नियमों की धज्जियां उड़ा दी है ।
जांच समिति ने पाया था दोषी
एक माह बाद जांच समिति ने इन 10 अध्यापकों की नियुक्तियों को गलत पाया था।
कुलपति कब करेंगे कार्रवाई
2015 में जब शिक्षकों की भर्ती हुई उसके उपरांत दो कुलपति के आने के बाद डॉक्टर जुयाल वर्तमान कुलपति हैं और उनके द्वारा जांच समिति में सभी शिक्षकों की भर्ती असंवैधानिक पाई गई है परंतु अभी तक किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही शिक्षकों के साथ नहीं की गई है इस तरह की गलत नियुक्तियों वाले शिक्षकों को वेटनरी प्रशासन बचाने में लगा हुआ है ऐसा लग रहा है कि जरूर इन सहायक अध्यापकों को बचाने को लेकर लाखों रुपए अंदर कर लिए गए।
क्या था मामला
पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय में सहायक अध्यापकों की नियुक्तियां अवैध तरीके से विश्वविद्यालय में की गई थी, जिन में आरक्षण के नियमों का पालन नहीं किया गया। वास्तव में यह नियुक्तियां विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉक्टर एस एस नंदा वर्ष 2015 में की गई थी। परंतु नंदा तो विश्वविद्यालय छोड़ कर चले गए। यह बात वर्तमान कुलपति डॉ प्रयाग दत्त जुयाल के संज्ञान में लाई गई उन्हें इस बात से अवगत कराया गया कि आरक्षण रोस्टर का पालन किए बगैर 3 अनारक्षित, 6 ओबीसी और एक अनुसूचित जाति को विभिन्न विषयों में उसी वर्ग का पद ना होने के बावजूद आरक्षक पदों के विरुद्ध नियुक्ति दी गई, आरक्षण एवं संविधान का घोर उल्लंघन हुआ है।
एनएसयूआई करेगा बड़ा आंदोलन
एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव सौरभ गौतम का कहना है कि पूरे प्रकरण की शिकायत हमारे द्वारा लोकायुक्त सहित राज्यपाल व मुख्यमंत्री को दी गई है, यदि यह गलत नियुक्तियां निरस्त नहीं की जाती हैं तो हमारे द्वारा तीव्र आंदोलन किया जाएगा तथा आने वाले वक्त में हमारे द्वारा न्यायालय की शरण ली जाएगी