वोट मांगकर शर्मिंदा ना करे, हमने धीरज रख लिया है !

जबलपुर वोट मांगकर शर्मिंदा ना करे, हमने धीरज रख लिया है! उत्तर मध्य विधानसभा क्षेत्र में ये लिखा हुआ जिसने भी पढा, वो कौतुहल से भर उठा। उसके अंदर जिज्ञासा होने लगी, कि आखिर ये किस धीरज की बात कर रहे है! क्यूंकि यहां से एक धीरज अभी बागी हो गया है। या फिर विगत पन्द्रह सालों से अपनी उम्मीदों की बांट जोहते लोगों ने, जिम्मेवार को शर्मिंदगी से बचने के लिये लिख दी। खैर मायने अलग हो, लेकिन सच यही है, कि धीरज का फल मीठा होता है।