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हौसला बुलंद-96 साल की उम्र में महिला ने दी परीक्षा, पाए 98 अंक

केरल। केरल की 96 साल की कार्तियानी अम्मा ने साबित कर दिया है कि पढ़ाई की कोई उम्र नहीं होती। अलप्पुझा जिले की रहने वाली कार्तियानी ने केरल सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘अक्षरलक्षम’ साक्षरता मिशन की परीक्षा में 100 में से 98 अंक पाए हैं। 1 नवंबर को मुख्यमंत्री के कॉन्फ्रेंस हॉल में मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन उन्हें योग्यता प्रमाणपत्र से सम्मानित करेंगे। वह इस परीक्षा में हिस्सा लेने वाली सबसे बुजुर्ग महिला थीं। इस परीक्षा में लगभग 43 हजार अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। इस मिशन में लेखन, पाठन और गणित के कौशल को मापा जाता है। अम्मा चौथी की परीक्षा दे रही थी।

बता दें कि यह परीक्षा इसी साल अगस्त में हुई थी। लगभग 42,933 लोगों ने पांच स्तरों कक्षा चौथी, सातवीं, दसवीं और बाहरवीं में आयोजित परीक्षा पास की। जानकारी के मुताबिक अम्मा इससे पहले भी कई परीक्षाएं दे चुकी हैं।

कार्तियानी अम्मा के बारे में कहा जाता है कि वह 100 साल की उम्र से पहले 10वीं की परीक्षा पास करना चाहती हैं। कुछ महीने पहले ही अक्षरलक्षम मिशन के तहत एक और परीक्षा में अम्मा ने पूरे नंबर हासिल किए थे।

सोशल मीडिया पर कार्तियानी अम्मा की खूब तारीफ हो रही है। महिन्द्र ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने भी उनकी प्रशंसा की। अम्मा 100 साल की उम्र से पहले 10वीं की परीक्षा पास करना चाहती हैं।

गौरतलब है कि केरल को 18 अप्रैल, 1991 में पूरी तरह साक्षर राज्य घोषित किया गया था जिसका मतलब है कि 90 प्रतिशत साक्षरता है। हालांकि साल 2011 जनगणना में पता चला कि लगभग 18 लाख लोग अशिक्षित थे जिसके कारण राज्य सरकार ने ‘अक्षरलक्षम’ कार्यक्राम इस साल 26 जनवरी को लॉन्च किया।

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