MP: भाजपा के 75 पार उम्र वाले नेताओं को भरोसा, पार्टी देगी टिकट !

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी में अब तक चुनाव लड़ने या टिकट पाने का कोई क्राइटएरिया भले ही न हो पर सत्ता का मोह होता ही कुछ ऐसा है कि राजनेता 70 बरस की उम्र पार कर लेने के बाद भी सत्ता का मोह नहीं छोड़ पा रहे हैं।

भाजपा में एक दर्जन से ज्यादा नेता ऐसे हैं जो विधानसभा चुनाव में टिकट की कतार में हैं।

बाबूलाल गौर, पूर्व सीएम (88 वर्ष)- 2 जुलाई 1930 को उत्तरप्रदेश के प्रतापगढ़ में जन्में गौर ने अब तक 10 विधानसभा चुनाव लगातार जीतने का रिकॉर्ड बनाया है। दो साल पहले गौर को उम्र के फॉर्मूले के आधार पर कैबिनेट से हटा दिया गया था।

सरताज सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री (78 वर्ष)- 26 मई 1940 को जन्में सरताज सिंह उन नेताओं में हैं जो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की 13 दिनों की सरकार में भी कैबिनेट मंत्री बनाए गए थे। होशंगाबाद सीट से पांच बार लोकसभा का चुनाव जीतकर सांसद बने। दूसरी बार विधानसभा सदस्य निर्वाचित होने पर फिर मंत्री बनाए गए, लेकिन दो साल पहले उम्र के आधार पर मंत्री पद छीन लिया गया।

कुसुम सिंह महदेले, मंत्री (75 साल)- 15 अगस्त 1943 को जन्मीं पिछड़े वर्ग का प्रतिनिधित्व करने वाली कुसुम सिंह महदेले का 1990 में पहली बार विधायक बनीं और तत्कालीन पटवा सरकार में मंत्री बनाई गईं। पन्न्ा विधानसभा क्षेत्र से अब तक चार विधानसभा चुनाव जीत चुकी हैं।

रुस्तम सिंह, मंत्री (73 वर्ष)- जन्मतिथि 9 जुलाई 1945, आईपीएस की नौकरी से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर भाजपा के टिकट पर पहली बार 2003 में चुनाव लड़े। चुनाव जीतकर कैबिनेट मंत्री बनाए गए। 2013 में दूसरी बार जीतने के बाद वर्तमान में भी मंत्री। गुर्जर जाति का प्रतिनिधित्व करने के चलते 73 साल की उम्र में फिर टिकट की दावेदारी।

जयंत मलैया, मंत्री (71 वर्ष)- 20 फरवरी 1947 को सागर में जन्में जयंत मलैया शिवराज कैबिनेट में वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री हैं। 1984 में पहली बार विधायक बने। तब से अब तक सात बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं।

रामकृष्ण कुसमरिया, मंत्री दर्जा, (76 साल)- जन्मतिथि 30 जुलाई 1942, पांच बार सांसद और एक बार विधायक रहे। 2008 में शिवराज कैबिनेट में कृषि मंत्री रहे। 2013 में चुनाव हार गए। बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण में अध्यक्ष हैं।

और भी कई दिग्गज

रमाकांत तिवारी- कांग्रेस से पहली बार 1990 में विधायक बने। फिर 1998 से भाजपा में हैं। अब तक चार बार विधायक रहे।

कैलाश चावला- 70 साल की उम्रसीमा पार कर चुके हैं। कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। फिर टिकट की कतार में हैं।

टिकट मिला तो अगले चुनाव तक कई मंत्री 70 पार होंगे

कैबिनेट मंत्री गौरीश्ांकर बिसेन (1 जनवरी 1952), डॉ. गौरीश्ांकर शेजवार (1 जुलाई 1950), उमाशंकर गुप्ता (24 जून 1952), माया सिंह (15 अगस्त 1950), पारस जैन (20 जून 1950), शरद जैन (19 जून 1952), बालकृष्ण पाटीदार (5 अगस्त 1953)।

सरताज और कुसमरिया पहुंचे भाजपा कार्यालय

पूर्व मंत्री सरताज सिंह और रामकृष्ण कुसमरिया बुधवार को भाजपा कार्यालय पहुंचे। दोनों ने प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह और अन्य नेताओं से मुलाकात की। दोनों ही नेता टिकट की दौड़ में हैं। सरताज अपने कार्यकर्ता और समर्थकों के साथ पार्टी कार्यालय आए थे। मीडिया के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि पार्टी में 70 पार नेताओं को टिकट नहीं देने का कोई क्राइटएरिया नहीं है। पार्टी मुझे टिकट जरूर देगी। पूर्व सीएम बाबूलाल गौर ने भी कहा कि वे जीतने वाले प्रत्याशी हैं, इसलिए पार्टी उन्हें टिकट देगी।