जम्मू-कश्मीर निकाय चुनाव में भाजपा को बड़ा फायदा

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वेब डेस्क। जम्मू-कश्मीर के स्थानीय निकाय चुनाव में बीजेपी को इस बार घाटी में अप्रत्याशित जीत मिली है। घाटी में हुए निकाय चुनाव के दौरान बीजेपी ने दक्षिण कश्मीर के चार जिलों में क्लीन स्वीप किया है। कश्मीर के आतंक प्रभावित शोपियां, कुलगाम, पुलवामा और अनंतनाग जिलों में बीजेपी ने निकाय की सीट पर जीत हासिल की है, जिससे स्थानीय स्तर पर इन जिलों में बीजेपी को एक संजीवनी मिल गई है।

जम्मू-कश्मीर में शहरी निकाय चुनाव के नतीजे शनिवार को सामने आए। भाजपा ने 43 सीटें जीतकर जम्मू नगर निगम पर कब्जा किया। जम्मू क्षेत्र में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, उसके उम्मीदवारों ने 212 वार्डों में जीत दर्ज की। वहीं, कश्मीर घाटी में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहतर रहा। यहां कांग्रेस को सबसे ज्यादा 79 और भाजपा को 75 सीटें मिलीं। लेह में कांग्रेस ने सभी 13 वार्डों पर कब्जा किया। यहां भाजपा खाता भी नहीं खोल पाई। करगिल में भी कांग्रेस को जीत मिली।

भाजपा प्रत्याशियों ने जम्मू, सांबा, कठुआ, रियासी, डोडा, किस्तवाड़, रामबन, उधमपुर, पुंछ और राजौरी जिले के 212 वार्डों में जीत दर्ज की। इन जिलों में कांग्रेस के 110, नेशनल पेंथर्स पार्टी के 13 और 185 निर्दलीय उम्मीदवार जीत हासिल करने में कामयाब हुए। दूसरी ओर कश्मीर घाटी के श्रीनगर, बारामूला, कुपवाड़ा, बड़गाम, अनंतनाग, पुलवामा, शोपियां, कुलगाम, बांदीपोरा और गांदेरबल जिले में कांग्रेस के 79 उम्मीदवार जीते। यहां भाजपा को 75, निर्दलीय को 71, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस और अन्य को दो-दो वार्ड में जीत मिली।

दक्षिण कश्मीर के चार जिलों में भाजपा आगे रही

भाजपा ने कश्मीर के अनंतनाग, कुलगाम, पुलवामा और शोपियां जिले में परचम लहराया। यहां उसे 132 में से 53 वार्ड में जीत हासिल हुई। चारों जिलों के 20 निकायों में से कम से कम चार पर उसकी कमान तय मानी जा रही है। शोपियां जिले में भाजपा का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा। यहां 12 वार्ड में उसके प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए। कश्मीर के 598 वार्ड में 231 पर निर्विरोध प्रत्याशी चुने गए। जबकि 181 पर किसी उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया था।

घाटी में खराब रहा था मतदान प्रतिशत

राज्य में 13 साल बाद शहरी निकाय चुनाव हुए। 8 से 16 अक्टूबर तक चार चरणों में मतदान हुआ। इस बार कुल 1145 वार्ड के लिए 3372 उम्मीदवार मैदान में थे। घाटी में मतदान प्रतिशत काफी खराब रहा। जम्मू और लद्दाख में ज्यादा लोगों ने मताधिकार का इस्तेमाल किया। राज्य में कुल 35.1 फीसदी वोट पड़े थे।

अनुच्छेद 35ए हटाने की कोशिशों का विरोध  
नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और माकपा ने इन चुनावों में अपने उम्मीदवार नहीं उतारे। तीनों पार्टियों ने अनुच्छेद 35ए को लेकर चुनाव का बहिष्कार किया। वहीं, भाजपा और कांग्रेस ने ज्यादातर सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे।

शनिवार को घोषित किए जा रहे निकाय चुनाव परिणाम में बीजेपी को अब तक शोपियां के 12 वॉर्डों में विजय मिली है, जबकि 5 वॉर्ड में नामांकन ना होने के कारण किसी भी प्रत्याशी का चयन नहीं हो सका है। इसके अलावा काजीगुंड नगर निकाय के चुनाव में बीजेपी ने 7 में से चार सीट जीतकर बहुमत हासिल किया है। साथ साथ पहलगाम नगर निकाय की 13 में से 7 सीटों पर बीजेपी प्रत्याशियों की जीत हुई है। पहलगाम की शेष 6 सीटों पर कोई नामांकन ना होने के कारण यहां के प्रतिनिधियों का चुनाव नहीं हो सका है।

गुलाम नबी के गढ़ में कांग्रेस का कब्जा 

बीजेपी के अलावा कांग्रेस पार्टी ने भी दक्षिण कश्मीर और मध्य कश्मीर के कई वॉर्ड में जीत हासिल की है। कांग्रेस पार्टी को अनंतनाग के डोरू में निकाय की 17 सीटों में से 14 पर विजय मिली है। यहां निकाय की दो सीटों पर बीजेपी ने कब्जा जमाया है जबकि एक अन्य सीट पर नामांकन ना होने के कारण प्रत्याशी का चयन नहीं हो सका है। डोरू के जिस इलाके में कांग्रेस को यह जीत मिली है, उसे कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गुलाम अहमद मीर का प्रभाव क्षेत्र माना जाता है। मीर के इलाके के अलावा कांग्रेस को राज्य के पूर्व सीएम गुलाम नबी आजाद के जिले बडगाम में भी निकाय की कई सीटों पर जीत मिली है। बडगाम की 13 निकाय सीटों में कांग्रेस को 6 और बीजेपी को चार सीट पर विजय मिली है।

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