जिस ट्रेन से हुआ हादसा उसके ड्राइवर पर रेलवे नहीं करेगा कार्रवाई!

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अम्रतसर। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्वनी लोहानी के बाद केंद्रीय रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने भी साफ किया है कि अमृतसर में हुए हादसे को लेकर रेलवे की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि इसमें रेलवे की तरफ से कोई चूक नहीं है. वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह घायलों से मिलने के लिए अस्पताल पहुंचे हैं, उन्होंने अपना इजराइल दौरा रद्द कर दिया है. उनसे पहले कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने भी अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की थी. उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू पर विपक्ष लगातार हमलावर है कि हादसे से बाद भी वह मौके से रवाना हो गईं. बता दें कि पंजाब के अमृतसर में दशहरे के मौके पर रावण दहन के दौरान ट्रेन की चपेट में आने से कम से कम 60 लोगों की मौत हो गई. अमृतसर के सिविल अस्‍पताल के सीएमओ ने हादसे में 60 लोगों की मौत और 51 के घायल होने की पुष्टि की है. हादसा जोड़ा रेल फाटक के पास उस वक्‍त हुआ जब पठानकोट से अमृतसर जा रही डेमू ट्रेन गुजर रही थी. मरने वालों में ज्‍यादातर लोग उत्‍तर प्रदेश और बिहार के लोग हैं. मौके पर कम से कम 300 लोग मौजूद थे जो पटरियों के निकट एक मैदान में रावण दहन देख रहे थे.

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सबके अलग अलग बयान

पंजाब सरकार ने अमृतसर हादसे की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं. मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर ने जांच रिपोर्ट जमा करने के लिए 4 सप्ताह का वक्त दिया है. सीएम अमरिंदर सिंह ने कहा, “हमारे लिए जांच करवाना जरूरी है. मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं जिसकी रिपोर्ट चार सप्ताह में जमा की जाएगी.” उन्होंने कहा कि ये वक्त तू-तू, मैं-मैं का नहीं है.
दुखद घटना है, रेलवे ट्रैक के करीब इस तरीके का आयोजन सही नहीं है. फाटक से 300 मीटर कि दूरी पर घटना हुई. पटाखे कि आवाज में ट्रेन कि आवज नहीं सुनी जा सकी. ये रेलवे कि चूक नहीं है हमें कोई सूचना नहीं दी गई थी. वहां के आयुक्त ने भी कहा है हमने कोई सूचना नहीं दी थी और रेल प्रशासन को भी सूचना नहीं दी गई थी. राज्य सरकार के हाथ में है आगे कि कार्यवाही. मुझे नहीं लगता है रेलवे को इस विषय विशेष पर कुछ करने कि जरूरत है. देशभर में रेल ट्रैक खुले हैं वहां इवेंट कि परमिशन नहीं दी गई थी
मनोज सिन्हा, रेल राज्य मंत्री
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पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल ने कहा, “देश को बुलेट ट्रेन की नहीं सेफ्टी की जरूरत है.” नवजोत कौर सिद्धू का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि यह एक सेंसिटिव मुद्दा है और इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए.

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्वनी लोहानी ने कहा कि यह घटना रेलवे के मेन लाइन पर हुई जिसमें ट्रेनें एक निर्धारित स्पीड पर चलती है. उन्होंने बताया कि डीएमयू ड्राइवर ने हॉर्न बजाया और ब्रेक लगाने की कोशिश भी की. हालांकि डीएमयू को रोकने के लिए कम से कम 625 मीटर पहले ब्रेक लगाना होता है. इस वजह से ड्राइवर ट्रेन नहीं रोक पाया. लोहानी ने कहा कि जिस ट्रेन से हादसा हुआ वह रेगुलर बेसिस पर चलती है. यह ट्रेन हादसे का मामला नहीं है बल्कि रेल ट्रैक पर अतिक्रमण का मामला है इसलिए रेलवे इस मामले की जांच के आदेश नहीं देगा.

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