पदोन्नति में आरक्षण : 3 घंटे चली बहस, अब 30 अक्टूबर को सुनवाई

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भोपाल। सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नति में आरक्षण मामले की लगातार तीसरे दिन गुरुवार को भी सुनवाई चली। करीब तीन घंटे इस मामले में बहस चली, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला।

लिहाजा 30 अक्टूबर तक के लिए सुनवाई टल गई, क्योंकि मामले की सुनवाई कर रही बैंच अब मंगलवार से लगेगी, इसलिए सुनवाई आगे बढ़ गई है। उधर, राज्य सरकार और अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी-कर्मचारी संघ (अजाक्स) अब भी मामला संविधान पीठ को सौंपने पर अड़ा हुआ है।

सूत्र बताते हैं कि गुरुवार को दोपहर 12 बजे सुनवाई शुरू हुई। अजाक्स के वकीलों ने कहा कि पिछड़ापन तो संसद ही तय करेगी। इस पर करीब एक घंटे बहस चली। भोजनावकाश के बाद सामान्य, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी-कर्मचारी संघ (सपाक्स) के वकील राजीव धवन सहित अन्य ने अनारक्षित वर्ग के अधिकारियों और कर्मचारियों का पक्ष रखा।

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उन्होंने कोर्ट को बताया कि उस वर्ग के संपन्न् अधिकारी या कर्मचारी को पदोन्नति में आरक्षण और आरक्षण से बाहर नहीं किया गया तो इस वर्ग के गरीब तबके का कल्याण कभी नहीं हो सकता है। इस मुद्दे पर करीब पौने चार बजे तक बहस चली।

मामले में लगातार सुनवाई होने से प्रदेश के अधिकारी और कर्मचारी खुश हैं। उन्हें जल्द ही फैसला आने की उम्मीद है। गुरुवार को मंत्रालय, सतपुड़ा और विंध्याचल भवन में संचालित कार्यालयों के कर्मचारी दिनभर कोर्ट में चल रही बहस की जानकारी लेते रहे।

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